Istanbul Shooting
Istanbul Shooting : तुर्की के सबसे बड़े शहर इस्तांबुल में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब इजराइली दूतावास (कांसुलेट) के पास अचानक गोलीबारी शुरू हो गई। यह घटना शहर के व्यस्त और पॉश इलाके बेसिक्टास में हुई। प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, इस भीषण मुठभेड़ में तीन लोगों की मौत हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमलावरों का मुख्य उद्देश्य दूतावास को ही निशाना बनाना था या नहीं, क्योंकि स्थानीय सूत्रों का दावा है कि यह दूतावास पिछले लगभग दो वर्षों से परिचालन में नहीं है।
चश्मदीदों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स (NTV और CNN तुर्क) के मुताबिक, हमलावर हथियारों से लैस होकर दूतावास की इमारत की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। जैसे ही वे सुरक्षा घेरे के करीब पहुंचे, वहां तैनात पुलिस बल ने उन्हें रुकने की चेतावनी दी। पुलिस की चेतावनी को अनसुना कर हमलावरों ने गोलीबारी शुरू कर दी। लगभग 10 मिनट तक दोनों तरफ से अंधाधुंध फायरिंग होती रही। इस दौरान दो पुलिस अधिकारी भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। रॉयटर्स द्वारा जारी वीडियो फुटेज में एक पुलिस अधिकारी को अपनी जान बचाते हुए जवाबी फायरिंग करते देखा गया है।
तुर्की के गृह मंत्री मुस्तफा चिफ्तची ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि मुठभेड़ में मारे गए तीनों व्यक्ति हमलावर ही थे। एक अन्य हमलावर को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया है, जिसका इलाज पुलिस कस्टडी में चल रहा है। जांच में सामने आया है कि ये हमलावर इजमित शहर से एक किराए की गाड़ी में इस्तांबुल पहुंचे थे। इनके पास से लंबी दूरी की बंदूकें (Long Guns), भारी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री से भरे बैग बरामद हुए हैं। हमलावरों की योजना किसी बड़े विनाश को अंजाम देने की थी, जिसे पुलिस की मुस्तैदी ने नाकाम कर दिया।
सुरक्षा एजेंसियों ने मारे गए हमलावरों की पहचान कर ली है। जांच में पता चला है कि इनमें से दो हमलावर सगे भाई थे। एक हमलावर का पूर्व में नशीले पदार्थों (ड्रग्स) की तस्करी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, जबकि एक अन्य हमलावर का संबंध एक कट्टरपंथी धार्मिक संगठन से बताया जा रहा है। तुर्की के गृह मंत्रालय ने बताया कि ये लोग पूरी तैयारी के साथ आए थे और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से ही तुर्की में यहूदी प्रतिष्ठानों के बाहर सुरक्षा पहले से ही कड़ी कर दी गई थी।
इस हाई-प्रोफाइल हमले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुर्की के न्याय मंत्री अकिन गुरलेक ने विशेष जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी दी कि इस मामले की जांच के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम नियुक्त की गई है। हालांकि, न्याय मंत्री ने फिलहाल इसे ‘यहूदी विरोधी’ (Anti-Semitic) हमला कहने से परहेज किया है, लेकिन उन्होंने माना कि घटना का स्थान इजराइली कांसुलेट के बिल्कुल करीब था। जांच दल अब इस बात की पड़ताल कर रहा है कि क्या इस हमले के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क शामिल है या यह किसी स्थानीय समूह की साजिश थी।
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