Jagdalpur Deepotsav Clash : छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। मिताली चौक से जुड़े आयोजन की तैयारियों के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्टॉल, ठेले और गुमटियां हटाए जाने को लेकर विरोध जताया। इसी दौरान उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई।
सवा लाख दीपों के आयोजन को लेकर हुआ विवाद
जगदलपुर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर और सिरहासार चौक पर सवा लाख दीप प्रज्वलित करने की तैयारी की गई थी। कार्यक्रम को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन और ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जोड़ा गया है। आयोजन को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया था।
स्टॉल और छोटे कारोबारियों को हटाने पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि कार्यक्रम की तैयारियों के कारण मिताली चौक क्षेत्र में संचालित छोटे दुकानदारों, फूड स्टॉल और ठेले-गुमटियों का कारोबार प्रभावित हुआ। पार्टी नेताओं ने इसी मुद्दे को लेकर विरोध जताया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, आयोजन की तैयारियों के दौरान पिछले दो दिनों से कुछ स्टॉल और ठेले हटाए गए थे।
विजय शर्मा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हुई तीखी बहस
कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी आपत्तियां रखीं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस हुई। मौके पर मौजूद लोगों की संख्या बढ़ने के साथ माहौल भी गर्म हो गया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

धक्का-मुक्की और जूते-चप्पल फेंकने के दावे
स्थानीय रिपोर्टों में विवाद के बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और जूते-चप्पल फेंके जाने के दावे सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में महिलाओं की चूड़ियां और लोगों के चश्मे टूटने की बात भी कही गई है। हालांकि, इन घटनाओं से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हुई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
कांग्रेस ने छोटे व्यापारियों की परेशानी का मुद्दा उठाया
कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि पार्टी का विरोध दीपोत्सव या जन्मदिन समारोह के खिलाफ नहीं है। उनका कहना है कि आपत्ति आयोजन की जगह और उससे छोटे व्यापारियों तथा आम लोगों को होने वाली परेशानी को लेकर है। कांग्रेस का आरोप है कि आयोजन के कारण स्थानीय कारोबारियों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई।

वैकल्पिक स्थान पर आयोजन की मांग
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि कार्यक्रम आयोजित करना था तो इसके लिए शहर में अन्य स्थानों का चयन किया जा सकता था। उन्होंने सीटी मैदान, गांधी मैदान या दलपत सागर जैसे स्थानों का विकल्प बताया। कांग्रेस का कहना है कि मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर आयोजन होने से श्रद्धालुओं, दुकानदारों और आम लोगों को असुविधा हुई।
भाजपा ने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया
भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अभिलाष यादव ने कांग्रेस के विरोध को राजनीतिक प्रतिक्रिया बताया। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से विरोध किया जा रहा है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विरोध के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जूते-चप्पल फेंके और माहौल खराब हुआ।
कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था में बदलाव
दीपोत्सव को देखते हुए बस्तर पुलिस ने यातायात व्यवस्था में बदलाव की घोषणा की थी। 17 सितंबर को शाम चार बजे से रात 11 बजे तक निर्धारित मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रखने की व्यवस्था की गई। लोगों को निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करने और वैकल्पिक मार्गों से आवागमन करने की सलाह दी गई थी।
पुलिस हस्तक्षेप के बाद स्थिति हुई नियंत्रित
विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने मौके पर हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को नियंत्रित करने का प्रयास किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, कुछ समय तक इलाके में नारेबाजी और गहमागहमी की स्थिति बनी रही। इसके बाद स्थिति को संभाला गया और दीपोत्सव की तैयारियां जारी रहीं।
दीपोत्सव के आयोजन पर बनी राजनीतिक बहस
जगदलपुर का यह विवाद अब आयोजन की व्यवस्था, छोटे कारोबारियों की परेशानी और राजनीतिक विरोध के मुद्दों से जुड़ गया है। एक पक्ष कार्यक्रम को प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़ा आयोजन बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों की सुविधा को लेकर सवाल उठा रहा है। दोनों पक्षों के आरोपों के बीच अब प्रशासनिक व्यवस्था और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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