Janjgir Jail Suicide : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में स्थित खोखरा जिला जेल परिसर से एक बेहद सनसनीखेज और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म (बलात्कार) के संगीन आरोपों में बंद एक विचाराधीन कैदी ने जेल के भीतर ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मृतक बंदी की पहचान दुवास केवट के रूप में की गई है, जिसे पुलिस ने कार्रवाई के बाद हाल ही में न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कराया था। मंगलवार की सुबह जेल के भीतर स्थित शौचालय (बाथरूम) में उसका शव कपड़े के फंदे के सहारे लटका हुआ मिला। इस घटना के उजागर होते ही जेल प्रबंधन से लेकर स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के गंभीर मामले में जेल में था बंद
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक दुवास केवट को जिले के बलौदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत दर्ज एक नाबालिग लड़की के अपहरण और उसके साथ हुए दुष्कर्म के मामले में स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बलौदा थाना पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 8 जून को उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया था। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जिला जेल खोखरा भेजने का वारंट जारी किया था, जिसके बाद उसे सलाखों के पीछे भेज दिया गया था।

जेल के बाथरूम में कपड़े का फंदा बनाकर की खुदकुशी
न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने के अगले ही दिन यानी मंगलवार की सुबह जेल की बैरक के पास स्थित बाथरूम में आरोपी दुवास केवट का शव कपड़े से बने फंदे पर झूलता पाया गया। जैसे ही अन्य कैदियों और जेल प्रहरियों ने शव को लटके हुए देखा, पूरे जेल परिसर में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। जेल अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बिना वक्त गंवाए तत्काल इसकी सूचना जिला पुलिस और प्रशासनिक अमले को दी, जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी दल-बल के साथ जांच के लिए मौके पर पहुंचे।
मार्च महीने में लापता हुई थी नाबालिग लड़की
इस पूरे आपराधिक मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो बताया जा रहा है कि बीते 5 मार्च 2026 को एक नाबालिग लड़की अपने घर से अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर बलौदा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ बहला-फुसलाकर भगाने का मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की थी। पुलिस की विशेष टीम ने साइबर सेल की तकनीकी मदद और मुखबिरों की सूचना पर आखिरकार लापता लड़की को पड़ोसी जिले कोरबा से सकुशल बरामद करने में सफलता हासिल की थी।
पूछताछ में आरोपी ने कबूला था जुर्म, पुलिस ने भेजा था जेल
लड़की की बरामदगी के बाद जब पुलिस ने संदेही दुवास केवट को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने नाबालिग को अपने साथ भगा ले जाने और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने (दुष्कर्म) की बात कबूल कर ली थी। इस स्वीकारोक्ति और पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया था, जहां उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
नगर पुलिस अधीक्षक योगिता बली खापर्डे ने दी मामले की आधिकारिक जानकारी
इस पूरे मामले पर जांजगीर की नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) योगिता बली खापर्डे ने मीडिया को आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि दुवास केवट नाम के इस कैदी को नाबालिग को भगाने और अनाचार के आरोप में जेल दाखिल कराया गया था। शुरुआती तफ्तीश के मुताबिक, आरोपी ने बाथरूम के भीतर अपने ही कपड़ों का इस्तेमाल कर फंदा बनाया और फांसी लगा ली। उन्होंने कहा कि पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर मौजूद है और हर संभावित बिंदु पर बारीकी से पूछताछ और जांच की जा रही है, जिसके बाद ही इस आत्महत्या के पीछे की वास्तविक और सटीक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल
जेल जैसी अत्यधिक सुरक्षित और चौबीसों घंटे प्रहरियों की निगरानी वाली संवेदनशील जगह पर एक कैदी द्वारा इस तरह सुसाइड कर लिए जाने से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से कटघरे में खड़ी हो गई है। स्थानीय नागरिकों और कानूनविदों द्वारा यह सवाल पुरजोर तरीके से उठाया जा रहा है कि कड़ी सुरक्षा के दावों के बीच आरोपी तक फंदा बनाने के लिए कपड़ा कैसे पहुंचा और प्रहरियों की निगरानी में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? क्या आरोपी किसी गहरे मानसिक तनाव या अवसाद में था या फिर जेल प्रबंधन की ओर से उसकी सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती गई? इन सभी सुलगते सवालों के जवाब तलाशने के लिए प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर उच्च स्तरीय न्यायिक जांच शुरू कर दी है।











