Anti Reservation Protest : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को जाति आधारित आरक्षण के विरोध में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे। यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले 45 दिनों तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए नारेबाजी की। भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को भी मौके पर तैनात किया गया।
‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ की अपील पर जुटी भीड़
प्रदर्शन का आयोजन ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ नामक इंस्टाग्राम पेज की अपील के बाद किया गया। सोशल मीडिया पर लोगों से जंतर-मंतर पहुंचकर प्रत्यक्ष प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की गई थी। इसके बाद शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग निर्धारित स्थान पर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर, पोस्टर और झंडे दिखाई दिए, जबकि वे आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर नारे लगाते रहे।
कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए एक प्रदर्शनकारी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को गलत तरीके से उठाया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि उनके खिलाफ दूसरे मामलों में कार्रवाई की जा सकती है या एससी-एसटी कानून के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। पुलिस की कार्रवाई को लेकर प्रदर्शनकारियों में नाराजगी भी देखने को मिली।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पर किसी विरोध, जुलूस, प्रदर्शन या सभा के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान अलग था। मध्य जिला पुलिस उपायुक्त कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, रामलीला मैदान में ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ के बैनर तले शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए एनओसी जारी की गई थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंच गए।
पुलिस और RAF ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। दिल्ली पुलिस के अलावा RAF के जवानों को भी तैनात किया गया। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी बढ़ाई गई तथा प्रदर्शन स्थल के आसपास बैरिकेडिंग की गई। अधिकारियों ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए लगातार स्थिति पर नजर रखी।
जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ लगाए नारे
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या पुरुषों की थी। कई लोग बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचे थे। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा से जुड़े एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि सरकारी सहायता तय करते समय व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका तर्क था कि गरीब व्यक्ति को जाति से अलग रखते हुए शिक्षा, कोचिंग और अन्य जरूरी सुविधाओं में मदद मिलनी चाहिए।
आर्थिक आधार पर सहायता देने की मांग
प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग का कहना है कि सरकारी सहायता का आधार केवल जाति नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे जरूरतमंद व्यक्ति तक मदद पहुंच सके। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मौजूदा नीतियों की व्यापक समीक्षा करने की मांग की।
आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि वे मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा चाहते हैं। उनका तर्क था कि कई मामलों में आरक्षण का लाभ समाज के सबसे वंचित लोगों तक नहीं पहुंच पाता। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से यह आकलन करने की मांग की कि वर्तमान व्यवस्था अपने निर्धारित सामाजिक उद्देश्यों को किस हद तक पूरा कर रही है और वास्तविक लाभार्थियों तक इसका फायदा पहुंच रहा है या नहीं।
क्रीमी लेयर के प्रावधान पर भी जोर
प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने आरक्षण व्यवस्था में ‘क्रीमी लेयर’ के प्रावधान को लागू करने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही उन्होंने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़ी आरक्षण नीतियों में बदलाव की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नीतियों की समीक्षा समय-समय पर होनी चाहिए, ताकि सरकारी योजनाओं और आरक्षण का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद वर्गों तक पहुंच सके।
आगे भी जारी रह सकता है आंदोलन
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन ने आरक्षण को लेकर लंबे समय से चली आ रही बहस को एक बार फिर सामने ला दिया है। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार से संवाद और नीतिगत समीक्षा की अपील की है। वहीं, पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। अब आने वाले दिनों में प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर नजर बनी रहेगी।
Read More : McDonald’s Mumbai : मुंबई में McDonald’s समेत 7 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड, गुटखा रैकेट में 6 गिरफ्तार