Jharkhand Protest: झारखंड में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और बल प्रयोग को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए घायल छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के समर्थन का ऐलान किया है। दीपके ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर से वीडियो कॉल के जरिए अस्पताल में भर्ती महतो से बातचीत की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले नौ दिनों से अपनी मांगों को लेकर लगातार अनशन पर बैठे थे। बताया गया है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में उन्हें गंभीर चोटें आईं। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। आंदोलन से जुड़े लोगों के अनुसार, महतो की स्थिति फिलहाल गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

लाठीचार्ज के बाद सीने में तेज दर्द की शिकायत
अभिजीत दीपके के साथ वीडियो कॉल पर बातचीत के दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी तबीयत बिगड़ने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस लाठीचार्ज के तुरंत बाद उनके सीने में तेज दर्द शुरू हो गया था। इसके बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार खराब होती गई। आंदोलन से जुड़े लोगों ने महतो की हालत को लेकर चिंता जताई है और सरकार से उनके बेहतर इलाज तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने छात्रों के खिलाफ पुलिस बल के इस्तेमाल को लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले छात्रों के साथ बल प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। दीपके ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर झारखंड की सड़कों तक छात्र और युवा अपनी मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे हैं, ऐसे में उनके खिलाफ कठोर पुलिस कार्रवाई चिंता का विषय है।
‘देवेंद्र भाई के संघर्ष में CJP साथ’
अभिजीत दीपके ने घायल छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि वह छात्रों के अधिकारों के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा रहे हैं। उन्होंने महतो के साहस को सलाम किया और कहा कि CJP इस संघर्ष में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। दीपके ने स्पष्ट किया कि छात्रों की मांगों और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज को दबाने की कोशिश का उनकी पार्टी विरोध करेगी।

निष्पक्ष जांच की उठी मांग
CJP ने झारखंड सरकार से पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष और जल्द जांच कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की पूरी परिस्थितियों की जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग का आदेश किस स्तर से दिया गया था और क्या पुलिस कार्रवाई नियमों के अनुरूप थी।
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
अभिजीत दीपके और CJP ने उन अधिकारियों की पहचान करने की मांग की है, जिन्होंने कथित तौर पर अनशन पर बैठे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग का आदेश दिया। पार्टी के अनुसार, यदि जांच में किसी अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। CJP ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले युवाओं के साथ किसी भी प्रकार की ज्यादती को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
छात्रों की आवाज दबाने का आरोप
दीपके ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस बल या सरकारी दबाव के जरिए युवाओं की आवाज को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता। उनके मुताबिक, छात्र अपनी शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे मामलों में सरकार को संवाद के जरिए समाधान तलाशना चाहिए, न कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करना चाहिए।
सरकार से बातचीत कर समाधान निकालने की अपील
CJP ने झारखंड सरकार से छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने की अपील भी की है। पार्टी का मानना है कि आंदोलन को खत्म करने का सबसे प्रभावी तरीका बातचीत और सहमति का रास्ता है। छात्रों की मांगों पर सरकार को स्पष्ट रुख सामने रखना चाहिए और यदि मांगों पर कार्रवाई संभव है तो उसकी समयसीमा भी तय करनी चाहिए। इससे आंदोलन से जुड़े छात्रों के बीच भरोसा कायम किया जा सकता है।
लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन का दावा
अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आगे भी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना लोकतंत्र में नागरिकों का अधिकार है। यदि किसी आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति बनती है, तब भी प्रशासन से संयम बरतने की अपेक्षा की जाती है। CJP ने इसी आधार पर पुलिस कार्रवाई की समीक्षा की मांग की है।
देवेंद्र महतो की हालत पर टिकी नजरें
फिलहाल आंदोलन के बीच घायल छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के स्वास्थ्य को लेकर सबसे ज्यादा चिंता बनी हुई है। उन्हें अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट दिए जाने की जानकारी के बाद छात्र संगठनों और समर्थकों की नजर उनके स्वास्थ्य पर है। CJP ने भी महतो के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनके संघर्ष में समर्थन जारी रखने की बात कही है।
झारखंड छात्र आंदोलन में आगे बढ़ सकता है विवाद
छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद मामला अब केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है। राजनीतिक संगठनों की प्रतिक्रिया के बीच सरकार पर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का दबाव बढ़ सकता है। दूसरी ओर, CJP ने साफ कर दिया है कि वह छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों के मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच संवाद तथा आंदोलन की दिशा पर सभी की नजर रहेगी।
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