Form 6 Controversy : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक बार फिर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। शनिवार, 26 सितंबर को उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट साझा कर मतदाता पंजीकरण से जुड़े अभियान और प्रक्रिया पर सवाल किया। दीपके ने पूछा कि मतदाता पंजीकरण की यह सुविधा पहले क्यों शुरू नहीं की गई। इससे पहले भी वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। CJP ने इस मुद्दे को लेकर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
वोटर रजिस्ट्रेशन को लेकर उठाया सवाल
दीपके ने चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की सुविधा को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उनकी सोशल मीडिया पोस्ट में सवाल किया गया कि अगर पात्र नागरिकों के लिए मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया उपलब्ध थी, तो इसे लेकर अब विशेष रूप से चर्चा क्यों हो रही है। उनकी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर समर्थकों और अन्य यूजर्स की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं।
चार क्वालिफाइंग तारीखों का है प्रावधान
निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए एक कैलेंडर वर्ष में चार qualifying dates निर्धारित हैं—1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर। आयोग के दस्तावेजों के मुताबिक, इन तारीखों के आधार पर 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पात्र नागरिक कैसे करा सकते हैं पंजीकरण
निर्वाचन आयोग की जानकारी के मुताबिक, मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना जरूरी है। इसके अलावा संबंधित qualifying date के आधार पर उसकी उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। आवेदक जिस निर्वाचन क्षेत्र में अपना नाम दर्ज कराना चाहता है, वहां उसका सामान्य निवासी होना भी आवश्यक है। इसके साथ ही वह कानून के तहत मतदाता बनने के लिए अयोग्य घोषित नहीं होना चाहिए।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया में नियमित अपडेट
आयोग की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मतदाता सूची को समय-समय पर अपडेट करने की प्रक्रिया चलती रहती है। पात्र नागरिक नए पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं और मौजूदा मतदाता अपने विवरण में आवश्यक सुधार या बदलाव के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। आयोग की वोटर सर्विसेज व्यवस्था के माध्यम से नए मतदाता पंजीकरण समेत कई सेवाएं उपलब्ध हैं।
CJP ने पहले भी उठाए हैं चुनावी मुद्दे
अभिजीत दीपके और CJP इससे पहले भी चुनाव आयोग तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी मांगें रखते रहे हैं। हाल ही में संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी और SIR को रोकने तथा पुरानी मतदाता सूची बहाल करने जैसी मांगें भी सामने रखी थीं। इन मांगों के समर्थन में आंदोलन की चेतावनी भी दी गई थी।
सोशल मीडिया पोस्ट पर आई प्रतिक्रियाएं
दीपके की ताजा पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। उनके समर्थकों ने पोस्ट के जवाब में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई। हालांकि, दीपके के सवाल और राजनीतिक दावे उनके पक्ष का दृष्टिकोण हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की उपलब्ध आधिकारिक जानकारी मतदाता पंजीकरण के लिए निर्धारित नियमों और नियमित अद्यतन प्रक्रिया को स्पष्ट करती है।
मतदाता पंजीकरण को लेकर क्या है नियम
मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए पात्र नागरिक निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं। आयोग के मुताबिक, Voter Services Portal और Voter Helpline जैसे माध्यमों से पंजीकरण तथा मतदाता विवरण से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध हैं। इसलिए मतदाता पंजीकरण से जुड़े किसी भी दावे या सोशल मीडिया जानकारी पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक निर्वाचन आयोग की जानकारी देखना महत्वपूर्ण है।
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