Jharkhand Student Protest: झारखंड में JPSC और JSSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और अन्य मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। विधानसभा घेराव के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने मार्च शुरू कर दिया है। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई है और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कंटीले तार भी लगाए गए हैं।

विधानसभा के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। वहीं, विधानसभा क्षेत्र के आसपास BNS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू की गई है। प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न हो।

तीन दौर की बातचीत के बाद भी नहीं बनी सहमति
छात्रों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच अब तक तीन दौर की बातचीत हो चुकी है। रविवार को भी दोनों पक्षों के बीच पांच घंटे से अधिक समय तक बैठक चली। सरकार ने छात्रों की कई मांगों पर सहमति जताते हुए आंदोलन खत्म करने का प्रयास किया, लेकिन CBI जांच समेत कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई। बातचीत बेनतीजा रहने के बाद छात्र संगठनों ने सोमवार को विधानसभा मार्च करने का फैसला किया।
पहली बैरिकेडिंग पर छात्रों को पुलिस ने रोका
मार्च के दौरान छात्र पुराने विधानसभा भवन से नई विधानसभा की ओर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, उन्हें पहली बैरिकेडिंग पर पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। छात्रों ने ‘हेमंत सोरेन होश में आओ’ जैसे नारे भी लगाए। प्रदर्शन बढ़ने के बाद पुलिस ने पहली बैरिकेडिंग खोल दी, जिसके बाद छात्रों का जत्था आगे बढ़ने लगा।
हाथों में तिरंगा लेकर विधानसभा की ओर बढ़े छात्र
छात्रों का जत्था हाथों में तिरंगा लेकर और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए विधानसभा की ओर बढ़ रहा है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए रास्तों पर कई लेयर की बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी के बीच प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इस बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी समेत कई बीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी की भी जानकारी सामने आई है।

छात्रों को रांची पहुंचने से रोकने का दावा
आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि उन्हें रांची पहुंचने से रोकने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, छात्र संगठन ने अपने कार्यकर्ताओं और अभ्यर्थियों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की है। संगठन ने स्पष्ट कहा है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस से किसी तरह की झड़प न की जाए और किसी भी उपद्रवी तत्व का साथ न दिया जाए। छात्रों से अनुशासन बनाए रखते हुए अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की अपील की गई है।
विधानसभा मार्च के चलते 15 से ज्यादा स्कूल बंद
छात्रों के विधानसभा मार्च को देखते हुए रांची शहर में 15 से अधिक सरकारी और निजी स्कूलों को सोमवार को बंद रखा गया है। कई स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छुट्टी के समय में भी बदलाव किया है। प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की प्राथमिकता प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
‘राजनीति के लिए नहीं, रोटी के लिए आए हैं’
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं है। एक अभ्यर्थी ने कहा कि गरीब किसान के बेटे कई वर्षों से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन कथित भ्रष्टाचार के कारण मेहनत करने वाले युवाओं को अवसर नहीं मिल पा रहा है। छात्रों का आरोप है कि जिनके पास लाखों रुपये हैं, उन्हें कथित तौर पर फायदा मिलता है, जबकि गरीब अभ्यर्थियों के पास केवल मेहनत और पढ़ाई का सहारा है। उनका कहना है कि वे 15-20 लाख रुपये नहीं दे सकते और नौकरी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
अभय तिवारी को लेकर छात्रों ने उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अभय तिवारी से जुड़े कथित मामलों को लेकर भी सरकार से सवाल किए। छात्रों ने पूछा कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है और सरकार इस मुद्दे पर चुप क्यों है। उन्होंने JPSC की कथित अनियमितताओं की आड़ में JSSC CGL से जुड़े आरोपों को दबाने का भी सवाल उठाया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी पूछा कि सरकार ED और CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने से क्यों बच रही है।
CBI जांच की मांग पर अटका आंदोलन
छात्रों की प्रमुख मांगों में कथित परीक्षा धांधली की निष्पक्ष जांच, संदिग्ध परीक्षाओं पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में सुधार शामिल हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी महत्वपूर्ण मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल रांची में विधानसभा मार्च के कारण माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहा है।
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