Karachi explosion : पाकिस्तान के कराची में मंगलवार को ताज मेडिकल कॉम्प्लेक्स के पास एक भीषण धमाका हुआ। यह धमाका एक गोदाम में हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और लगभग 33 लोग घायल हो गए। घटना उस समय हुई जब तीन मंजिला इमारत के बेसमेंट में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। यह इलाका घनी आबादी वाला है और उसी इमारत में कई परिवार भी रह रहे थे। धमाके में दो लोगों की मौत हुई है। इनमें से एक 16 साल की लड़की का शव धमाके वाली जगह से बरामद हुआ, जबकि दूसरे व्यक्ति ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि कुछ घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है।

गोदाम में रखा था पटाखा बनाने का सामान
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि जिस गोदाम में धमाका हुआ, वहां पटाखे बनाने के लिए कच्चा माल रखा गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विस्फोट से पहले वहां आग लगी थी और इसका कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग लगते ही वहां रखे पटाखों और विस्फोटक सामग्री ने भीषण धमाके का रूप ले लिया। धमाका और उसके बाद लगी आग से पूरे इलाके में धुआं फैल गया, जिससे दमकल टीम को बचाव कार्य में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। बताया जा रहा है कि गोदाम में सिर्फ पटाखे बनाने का सामान ही नहीं, बल्कि विस्फोटक सामग्री भी मौजूद थी, जिसे बम बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था।

विस्फोटक सामग्री मिलने से बढ़ा शक
अधिकारियों ने बताया कि मलबे से मिली कुछ सामग्री सामान्य पटाखों की नहीं लग रही थी। बरामद वस्तुएं ऐसे विस्फोटक के रूप में भी इस्तेमाल की जा सकती हैं, जिन्हें आतंकी गतिविधियों में प्रयोग किया जाता है। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि गोदाम में यह खतरनाक सामग्री किस मकसद से रखी गई थी। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि आवासीय इलाकों में पटाखे या विस्फोटक सामग्री का भंडारण पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद ऐसे कई मामले सामने आते रहे हैं, जहां गोदामों में अवैध रूप से इस तरह का सामान रखा जाता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की लापरवाही न केवल गैरकानूनी है, बल्कि सैकड़ों लोगों की जान के लिए खतरा भी है।
धमाके से यातायात व्यवस्था चरमराई
धमाका इतना जोरदार था कि आसपास का यातायात भी प्रभावित हुआ। कई सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई और प्रशासन को गाड़ियों को वैकल्पिक मार्ग से गुजारना पड़ा। प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों और यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। धमाके के तुरंत बाद घटनास्थल की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। इनमें आग की लपटें और अफरा-तफरी के दृश्य साफ देखे जा सकते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि अगर गोदाम की जांच पहले की जाती तो यह हादसा टल सकता था।
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गोदाम में पटाखों के साथ विस्फोटक सामग्री कैसे पहुंची। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर कराची जैसे बड़े शहरों में सुरक्षा और नियामक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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