Karwa Chauth Vrat 2025: हिंदू धर्म में करवाचौथ व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। यह व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। साल 2025 में करवाचौथ का व्रत 10 अक्टूबर, शुक्रवार को रखा जाएगा। यह व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए करती हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार करवाचौथ का व्रत केवल आधुनिक काल की परंपरा नहीं बल्कि इसका उल्लेख विभिन्न पुराणों और महाकाव्यों में भी मिलता है। आइए जानते हैं सबसे पहले किन देवियों और नारियों ने यह व्रत रखा था।

माता पार्वती
मान्यता है कि सबसे पहले करवाचौथ का व्रत माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए रखा था। शिव पुराण और देवी भागवत पुराण के अनुसार, भगवान शिव को पति स्वरूप पाने के लिए माता पार्वती ने कठोर तप और अनेक व्रत किए। इन्हीं तपस्याओं में कार्तिक मास की चतुर्थी को उपवास और पूजा का उल्लेख है। इस व्रत के प्रभाव से माता पार्वती ने भगवान शिव का प्रेम और कृपा प्राप्त किया।
माता सीता
रामायण काल से जुड़ी एक मान्यता के अनुसार, जब रावण ने माता सीता का हरण कर उन्हें अशोक वाटिका में रखा था, तब उन्होंने भगवान श्रीराम की कुशलता और दीर्घायु की कामना से करवाचौथ का व्रत किया। मां सीता का यह व्रत वैवाहिक निष्ठा और पतिव्रता धर्म का प्रतीक माना जाता है।
द्रौपदी
महाभारत के समय का एक प्रसंग भी करवाचौथ से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि जब पांडवों पर संकट आया, तो भगवान श्रीकृष्ण ने द्रौपदी को करवाचौथ का व्रत रखने की सलाह दी। इस व्रत के प्रभाव से पांडवों को कठिनाइयों से मुक्ति मिली।
देव पत्नियां
एक और मान्यता के अनुसार, जब देवताओं और दानवों के बीच युद्ध हुआ और देवताओं को सफलता नहीं मिल रही थी, तब ब्रह्मा जी ने देवपत्नी देवियों को करवाचौथ का व्रत रखने की सलाह दी। देवियों द्वारा इस व्रत के पालन से देवताओं को विजय प्राप्त हुई। इसके बाद ब्रह्मा जी ने महिलाओं को अपने पति की मंगलकामना और लंबी आयु के लिए करवाचौथ का व्रत रखने का उपदेश दिया।
करवाचौथ व्रत केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं बल्कि पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा एक गहरा विश्वास है। माता पार्वती, सीता, द्रौपदी और देव पत्नियों द्वारा रखा गया यह व्रत आज भी भारतीय सुहागिन महिलाओं के लिए आस्था, प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। साल 2025 में 10 अक्टूबर को पड़ने वाला करवाचौथ इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए लाखों महिलाएं मनाएंगी।
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