Kawardha News: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक प्रेमी जोड़े ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना पांडातराई थाना क्षेत्र की है, जहाँ एक ही कमरे में दो अलग-अलग फंदों पर दोनों की लाशें लटकती मिलीं। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस के अनुसार, मृतकों के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे मौत के कारणों पर रहस्य बना हुआ है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर इसे प्रेम प्रसंग और उसके बाद पैदा हुई सामाजिक व आर्थिक चुनौतियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

मृतकों की पहचान: परिवार और बच्चों को छोड़कर साथ रह रहे थे प्रेमी
मृतकों की पहचान 34 वर्षीय रामलाल चंद्रवंशी और 29 वर्षीय रीना चंद्रवंशी के रूप में हुई है। इन दोनों की कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी है, लेकिन इसका अंत बेहद दुखद रहा। जानकारी के अनुसार, रामलाल और रीना करीब चार साल पहले अपने-अपने सुखी परिवारों और मासूम बच्चों को छोड़कर घर से भाग गए थे। दोनों ने समाज की परवाह किए बिना साथ रहने का फैसला किया था और तब से ही वे अपने मूल निवास से दूर रह रहे थे। रामलाल पेशे से मजदूर था और अपनी आजीविका चलाने के लिए संघर्ष कर रहा था।
दोस्ती बनी मोहब्बत की वजह: दोस्ती, प्यार और फिर पलायन की कहानी
रामलाल चंद्रवंशी मूल रूप से जंगलपुर गांव का निवासी था। दिलचस्प और विवादास्पद पहलू यह है कि मृतक रीना का पति रामलाल का करीबी दोस्त था। इसी दोस्ती के नाते रामलाल का रीना के घर अक्सर आना-जाना होता था। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे एक-दूसरे को दिल दे बैठे। करीब चार साल पहले, जब दोनों का प्रेम प्रसंग गहराया, तो वे अपने दो-दो बच्चों और जीवनसाथियों को पीछे छोड़कर रायपुर पलायन कर गए। रायपुर में रामलाल ने ड्राइवर के रूप में काम शुरू किया और वहीं दोनों ने शादी कर साथ रहना शुरू कर दिया।
गांव वापसी और मौत का मंजर: पिता ने खिड़की से देखा खौफनाक दृश्य
लगभग चार साल बाहर गुजारने के बाद, यह जोड़ा इसी साल मार्च महीने में वापस अपने गांव लौटा था। हालांकि, वे अपने परिवार के साथ न रहकर अलग एक मकान में रह रहे थे। रविवार को जब रामलाल के पिता कुछ सब्जियां लेकर उनके पास पहुँचे, तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो पिता को अनहोनी की आशंका हुई। जब उन्होंने खिड़की के झरोखे से अंदर झाँका, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई; अंदर रामलाल और रीना की लाशें फंदे पर लटक रही थीं।
पुलिस की कार्रवाई: दरवाजा तोड़कर निकाले गए शव, जांच जारी
सूचना मिलते ही पांडातराई थाना प्रभारी कमलाकांत शुक्ला अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने बंद दरवाजे को तोड़कर अंदर प्रवेश किया और दोनों शवों को फंदे से नीचे उतारा। पुलिस ने मौके का पंचनामा तैयार कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, क्योंकि घर के दरवाजे अंदर से बंद थे और हाथापाई के कोई निशान नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है और मर्ग कायम कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
आत्महत्या का रहस्य: आर्थिक तंगी या सामाजिक दबाव?
इस दोहरे सुसाइड के पीछे की असली वजह अभी भी स्पष्ट नहीं है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जो इस कदम के पीछे के ठोस कारणों का खुलासा कर सके। हालांकि, चर्चा है कि रायपुर से वापस लौटने के बाद रामलाल के पास काम की कमी थी और आर्थिक तंगी के कारण घर चलाना मुश्किल हो रहा था। इसके अलावा, अपने बच्चों और पुराने परिवारों को छोड़ने का मानसिक बोझ और सामाजिक तिरस्कार भी इस आत्मघाती कदम की वजह हो सकते हैं। थाना प्रभारी का कहना है कि परिजनों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

















