Shigella Outbreak Kerala : केरल में शिगेला संक्रमण का खतरा लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं। राज्य में इस जानलेवा बीमारी से मरने वालों का आंकड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में केरल के स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को शिगेला संक्रमण के कारण दो और मरीजों की दर्दनाक मौत होने की पुष्टि की है। इन नए मामलों के सामने आने के बाद अब राज्य में इस खतरनाक बैक्टीरिया जनित बीमारी से जान गंवाने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 5 तक पहुंच गई है। बिगड़ते हालातों को देखते हुए केरल का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग द्वारा शिगेला से ग्रसित और अस्पताल में भर्ती मरीजों की सेहत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि संक्रमण को और अधिक फैलने से रोका जा सके।

अस्पताल में इलाज के दौरान मासूम बच्चे ने तोड़ा दम
अधिकारियों से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शिगेला संक्रमण का ताजा शिकार मलप्पुरम जिले के पूक्कोट्टूर का रहने वाला एक मासूम बच्चा बना है। महज 7 वर्ष के इस बालक का नाम अर्जव था, जिसे गंभीर हालत में कोझिकोड सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान सोमवार को इस मासूम ने दम तोड़ दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, अर्जव को तेज बुखार और गंभीर दस्त (डायरिया) की शिकायत होने के बाद बीते 12 जून को अस्पताल में दाखिल कराया गया था। डॉक्टरों ने जब उसकी गहन जांच की, तो उसमें शिगेला संक्रमण होने की पुष्टि हुई। हालांकि, चिकित्सा टीम के तमाम प्रयासों के बावजूद बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी।

जून महीने में संक्रमण की रफ्तार हुई तेज, बढ़े नए मामले
स्वास्थ्य विभाग ने अपनी रिपोर्ट में एक और मौत का खुलासा करते हुए बताया कि त्रिशूर जिले के कोडकारा के निवासी एक 43 वर्षीय व्यक्ति की भी इस वायरस के चलते मौत हो गई। इस व्यक्ति ने बीते 13 जून को दम तोड़ा था, जिसकी जांच रिपोर्ट में अब शिगेला संक्रमण की पुष्टि की गई है। स्वास्थ्य सेवा निदेशालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को केरल के विभिन्न जिलों जैसे तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, त्रिशूर, मलप्पुरम, कन्नूर और कोझिकोड से शिगेला के 8 नए पुष्ट मामले दर्ज किए गए हैं। इस साल राज्य में अब तक शिगेला के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 147 हो चुकी है, जिसमें से चिंताजनक बात यह है कि अकेले जून के महीने में ही 71 नए मामले सामने आ चुके हैं।
क्या है शिगेला संक्रमण और इसके मुख्य लक्षण?
शिगेला वास्तव में एक बेहद संक्रामक बैक्टीरिया है, जो इंसानों की आंतों को प्रभावित करता है और इसके कारण होने वाली बीमारी को ‘शिगेलोसिस’ कहा जाता है। इस बीमारी की चपेट में आने पर मरीज को मुख्य रूप से तेज बुखार, पेट में गंभीर ऐंठन, मरोड़ और दस्त की समस्या होने लगती है। यह संक्रमण मुख्य रूप से दूषित भोजन करने, अशुद्ध या असुरक्षित पानी पीने और पहले से संक्रमित किसी व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से तेजी से फैलता है। वैसे तो सामान्य तौर पर यह संक्रमण हल्का होता है और समय पर इलाज से ठीक हो जाता है, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों या पहले से ही किसी अन्य गंभीर बीमारी से जूझ रहे कमजोर मरीजों के लिए यह बेहद घातक और जानलेवा साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जरूरी सलाह और बचाव के उपाय
केरल में लगातार हो रही मौतों और बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों ने मलप्पुरम सहित राज्य के कई अत्यधिक प्रभावित जिलों में अपनी निगरानी और सर्विलांस को काफी मजबूत कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता के लिए बेहद जरूरी स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे व्यक्तिगत साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, नियमित रूप से हाथ धोएं और केवल सुरक्षित व उबले हुए पेयजल का ही सेवन करें। इसके साथ ही, विभाग ने सचेत किया है कि यदि किसी भी व्यक्ति को बुखार, उल्टी, दस्त या मल में खून आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो वे इसे सामान्य फ्लू समझकर नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क कर उचित इलाज शुरू करवाएं।
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