Lalita Gautam Murder Case : उत्तर प्रदेश के मेरठ में 20 वर्षीय दलित छात्रा ललिता गौतम की निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद से ही मेरठ में आक्रोश का माहौल है और न्याय की मांग को लेकर जातिगत विरोध-प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं, दलित संगठनों ने एकजुट होकर छात्रा को न्याय दिलाने के लिए एक ‘दलित महापंचायत’ का आयोजन किया है।

संगठनों की स्पष्ट मांग है कि इस हत्याकांड के सभी दोषियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए, मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो और दोषियों को फांसी की सजा मिले। इसके साथ ही पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग उठाई गई है।

क्या है मेरठ का ललिता गौतम हत्याकांड? सिलसिलेवार घटनाक्रम
मेरठ के टीपी नगर क्षेत्र के गगन एंक्लेव में रहने वाली 20 वर्षीय ललिता गौतम बीए की छात्रा थी। 15 मई का दिन उनके परिवार के लिए काल बनकर आया। ललिता अपनी परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी, लेकिन जब देर शाम तक वह वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। कोई सुराग न मिलने पर टीपी नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें ललिता को कल्याणपुर गांव निवासी अंकुश नामक युवक के साथ देखा गया। इस फुटेज के आधार पर पुलिस ने अंकुश को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें उसने ललिता की हत्या करने का जुर्म स्वीकार कर लिया।
हत्या की वजह: शक और प्रेम संबंधों का खौफनाक अंत
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अंकुश और ललिता के बीच प्रेम संबंध थे। घटना वाले दिन जब दोनों साथ थे, उसी दौरान अंकुश ने ललिता के मोबाइल फोन में कुछ फोटो और चैट देखीं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को शक हो गया कि ललिता के किसी अन्य युवक से भी संबंध हैं। इसी शक और आक्रोश में आकर उसने ललिता की हत्या कर दी और शव को मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र के उपसिया जंगल स्थित गन्ने के खेत में ठिकाने लगा दिया। पुलिस ने बाद में उसी स्थान से छात्रा का शव बरामद किया। मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, लेकिन पुलिस अभी भी मामले के अन्य पहलुओं और संभावित साजिश की जांच कर रही है।
पीड़ित परिवार के गंभीर आरोप और प्रशासन से मांग
ललिता के परिजनों का कहना है कि यह हत्याकांड केवल एक व्यक्ति का काम नहीं हो सकता। परिवार का आरोप है कि इस पूरी साजिश में कई अन्य लोग भी शामिल हैं और पुलिस एकतरफा जांच कर रही है। पीड़ित परिवार ने मांग की है कि हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई करने की भी मांग रखी है। परिवार का दर्द और न्याय की छटपटाहट अब एक बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप ले रही है, जिससे प्रशासन पर सभी बिंदुओं की गहन और निष्पक्ष जांच करने का भारी दबाव बढ़ गया है।
Read More : Pune Building Collapse: पुणे बिल्डिंग हादसे में रातभर चला रेस्क्यू, अब तक 9 लोगों को सुरक्षित निकाला गया












