Meerut Murder Case : उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य वारदात के बाद राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार पर बेहद तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट के जरिए खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा की ‘डबल इंजन सरकार’ का दलित और महिला विरोधी चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त करार देते हुए कहा कि पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है, जबकि सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय विपक्ष को दबाने में लगी है।

NCRB आंकड़ों के जरिए भाजपा को घेरा
खड़गे ने अपने आरोपों को पुख्ता आधार देने के लिए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का सहारा लिया। उन्होंने साल 2013 से 2024 के बीच के आधिकारिक आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए बताया कि पिछले एक दशक में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में लगभग 42.6% और अनुसूचित जातियों (SC) के विरुद्ध अपराधों में 41% की भारी वृद्धि हुई है। कांग्रेस अध्यक्ष ने भयावह तस्वीर पेश करते हुए कहा कि देश में औसतन हर 2 घंटे 3 मिनट में एक दलित महिला के साथ दुष्कर्म जैसी वीभत्स घटना होती है, जिसका सीधा अर्थ है कि प्रतिदिन 12 दलित महिलाएं इस अत्याचार का शिकार हो रही हैं। उन्होंने इसे भाजपा के शासन में समाज के वंचित वर्गों की असुरक्षा का जीवंत प्रमाण बताया।

विपक्षी नेताओं को रोकने पर सरकार से सवाल
मेरठ में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस नेताओं और अन्य विपक्षी प्रतिनिधिमंडलों को पुलिस द्वारा रोके जाने, उन्हें नजरबंद करने और उन पर लाठीचार्ज करने की घटनाओं ने मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है। खड़गे ने राज्य सरकार से कड़े सवाल पूछे कि आखिर वे कौन सा सच छिपाना चाहते हैं? उन्होंने पूछा कि जब विपक्ष पीड़ित परिवार को सांत्वना देने और उनके दुख में शामिल होने जा रहा है, तो उन्हें लाठियों के दम पर क्यों रोका जा रहा है? खड़गे का आरोप है कि सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय पुलिसिया दमन का सहारा लेकर अपराधियों को संरक्षण देने का प्रयास कर रही है।
हाथरस और उन्नाव का जिक्र करते हुए चेतावनी
अपने बयान में मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित हाथरस और उन्नाव कांडों की भी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि देश उन घटनाओं को भूला नहीं है, जहां भाजपा सरकार ने पीड़ितों की आवाज दबाने और रसूखदार आरोपियों को बचाने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी लगा दी थी। खड़गे का मानना है कि मेरठ में भी उसी दमनकारी नीति को दोहराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़िता का परिवार न्याय चाहता है, न कि लाठियां। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि दलितों और मजलूमों की आवाज का यह आक्रोश भाजपा के दमनकारी सत्ता के सिंहासन को जड़ से उखाड़ फेंकेगा। दोषियों को तत्काल कठोरतम सजा दी जानी चाहिए।
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