Puri Khaja Raid : ओडिशा के प्रसिद्ध तीर्थस्थल पुरी में भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए खाजा खास आकर्षण का केंद्र रहता है। मंदिर परिसर के आसपास से लेकर स्वर्गद्वार बीच तक खाजा की कई दुकानें लगी रहती हैं। पुरी घूमने आने वाले पर्यटक अक्सर इस मिठाई को प्रसाद के रूप में खरीदकर अपने घर ले जाते हैं। खासकर बंगाल से आने वाले पर्यटक रिश्तेदारों और दोस्तों के बीच खाजा बांटते हैं।
फूड सेफ्टी विभाग और पुलिस ने चलाया विशेष अभियान
खाजा की गुणवत्ता को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद ओडिशा के फूड सेफ्टी विभाग और पुलिस ने पुरी में विशेष जांच अभियान चलाया। अधिकारियों ने मंदिर से सटे इलाकों और स्वर्गद्वार क्षेत्र में अचानक कई दुकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई का उद्देश्य दुकानों में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई की स्थिति की जांच करना था।
घटिया खाजा बेचने की शिकायतों पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह के अनुसार, श्रद्धालुओं की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ दुकानों पर घटिया गुणवत्ता वाला खाजा ऊंची कीमतों पर बेचा जा रहा है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने फूड सेफ्टी अधिकारियों के साथ मिलकर अभियान चलाने का निर्णय लिया। सिटी डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस कार्रवाई में विभागीय अधिकारियों का सहयोग किया।
इन इलाकों में दुकानों पर की गई छापेमारी
अधिकारियों की टीम ने श्री कृष्ण सिनेमा लेन, बाराडांड, स्वर्गद्वार और आसपास के क्षेत्रों में स्थित खाजा दुकानों की जांच की। जांच के दौरान अधिकारियों ने कथित तौर पर खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन नहीं होने की स्थिति देखी। कुछ दुकानों में मिठाई बनाने और रखने के स्थान पर स्वच्छता को लेकर भी सवाल उठाए गए।
खराब तेल और पुराने जूस के इस्तेमाल का आरोप
फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ दुकानों में खाजा तैयार करने के लिए खराब गुणवत्ता वाले तेल के इस्तेमाल की बात सामने आई। अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि मिठाई में इस्तेमाल किया जा रहा जूस काफी पुराना था। इसके अलावा खाजा तैयार करने की प्रक्रिया और आसपास का वातावरण भी स्वच्छ नहीं पाया गया।
करीब चार क्विंटल खाजा अधिकारियों ने कराया नष्ट
कार्रवाई के दौरान अलग-अलग दुकानों से बड़ी मात्रा में खाजा जब्त कर उसे नष्ट कराया गया। अधिकारियों के अनुसार, अभियान में करीब चार क्विंटल खाजा फेंक दिया गया। विभाग ने दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने की चेतावनी भी दी। कार्रवाई के बाद दुकानदारों को साफ-सफाई और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।
मंदिर के मुख्य द्वार के पास चार दुकानों पर विशेष कार्रवाई
बताया गया कि श्रद्धालुओं की शिकायतें मुख्य रूप से जगन्नाथ मंदिर के मुख्य द्वार के पास मौजूद चार बड़ी खाजा दुकानों को लेकर थीं। जांच के दौरान इन दुकानों की भी पड़ताल की गई। अधिकारियों ने कथित अनियमितताओं को लेकर दुकान संचालकों को चेतावनी दी और भविष्य में खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए।
चार दुकानदारों पर लगाया गया 45 हजार रुपये का जुर्माना
फूड सेफ्टी विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान संबंधित दुकानदारों पर आर्थिक कार्रवाई भी की गई। जानकारी के अनुसार, चार दुकानों के संचालकों पर कुल 45 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना दुकानदारों की जिम्मेदारी है।
श्रद्धालुओं की सेहत को लेकर प्रशासन सतर्क
पुरी में खाजा सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि धार्मिक यात्रा और स्थानीय पर्यटन से जुड़ा लोकप्रिय खाद्य उत्पाद है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों ने खाद्य सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद दुकानदारों को खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित तरीके से मिठाई तैयार करने के नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई है।
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