Kidney Stone : किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी एक ऐसी समस्या है जो न केवल असहनीय दर्द का कारण बनती है, बल्कि यदि इसे समय रहते नियंत्रित न किया जाए, तो यह किडनी के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। अक्सर लोग इसे केवल पेट के निचले हिस्से में होने वाली चुभन मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बार-बार पथरी का बनना किडनी की कार्यक्षमता को धीरे-धीरे प्रभावित कर सकता है।

‘माई एक्सपर्ट डॉक्टर’ की संस्थापक और जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. शालिनी सिंह सालुंखे के अनुसार, किडनी को स्वस्थ बनाए रखने के लिए जीवनशैली में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करना अनिवार्य है। यह लेख आपको उन कारणों और निवारक उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी देगा जो आपकी किडनी को सुरक्षित रखने में मदद करेंगे।

पथरी क्यों बनती है? प्रमुख कारण और अनियमित जीवनशैली
किडनी में स्टोन बनने की समस्या के पीछे मुख्य रूप से हमारी खराब जीवनशैली और खानपान की गलत आदतें जिम्मेदार होती हैं। डॉ. शालिनी के अनुसार, शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) इसका सबसे प्रमुख कारण है। जब हम पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ नहीं लेते, तो यूरिन गाढ़ा हो जाता है और खनिज पदार्थ आपस में जुड़कर पथरी का रूप ले लेते हैं। इसके अलावा, अत्यधिक जंक फूड का सेवन, डाइट में नमक की अधिक मात्रा, और ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थों का अनियंत्रित उपभोग पथरी की समस्या को तेजी से बढ़ावा देता है। यदि आप अपनी दैनिक दिनचर्या में इन कारकों को नजरअंदाज करते हैं, तो भविष्य में पथरी होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
किडनी को हेल्दी रखने के लिए अपनाएं ये पांच प्रभावी टिप्स
1. आहार में शामिल करें डेयरी उत्पाद
किडनी स्टोन के खतरे को कम करने के लिए कैल्शियम एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अक्सर लोग गलतफहमी के कारण कैल्शियम छोड़ देते हैं, जबकि दूध या दही का सेवन फायदेमंद होता है। आहार में मौजूद कैल्शियम, पाचन के दौरान भोजन के ऑक्सालेट के साथ बाइंड हो जाता है, जिससे वह किडनी तक नहीं पहुंच पाता और स्टोन बनने का जोखिम काफी कम हो जाता है।
2. नींबू पानी का नियमित सेवन
नींबू में मौजूद विटामिन सी और साइट्रेट किडनी को डिटॉक्स करने का शानदार काम करते हैं। रोज सुबह गुनगुने पानी में एक नींबू का रस मिलाकर पीने से किडनी में जमे वेस्टेज को यूरिन के जरिए फिल्टर होने में मदद मिलती है, जो पथरी को रोकने का एक प्राकृतिक तरीका है।
3. ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थों से दूरी
यदि आपको पथरी की समस्या है या आप इसके प्रति संवेदनशील हैं, तो कुछ खास खाद्य पदार्थों से परहेज करना आवश्यक है। पालक, बादाम, चुकंदर (बीटरूट), चॉकलेट, चाय और शलजम में ऑक्सालेट की मात्रा बहुत अधिक होती है। ये तत्व किडनी स्टोन के निर्माण में उत्प्रेरक का कार्य करते हैं, इसलिए इनका सीमित मात्रा में सेवन ही बेहतर है।
4. पर्याप्त जलयोजन (Hydration) का महत्व
पानी किडनी का सबसे अच्छा मित्र है। पथरी न बने, इसके लिए हर घंटे कम से कम एक गिलास पानी पीने का लक्ष्य रखें। पानी शरीर से विषाक्त पदार्थों (टॉक्सिन्स) को बाहर निकालने में मदद करता है और यूरिन को पतला बनाए रखता है, जिससे पथरी के कण विकसित नहीं हो पाते।
5. कैल्शियम सप्लीमेंट्स का विवेकपूर्ण उपयोग
डॉक्टर की सलाह के बिना लंबे समय तक कैल्शियम सप्लीमेंट्स का सेवन करना खतरनाक हो सकता है। सप्लीमेंट्स का अधिक सेवन शरीर में कैल्शियम का असंतुलन पैदा करता है जो पथरी की समस्या को बढ़ा सकता है। हमेशा याद रखें, पोषण प्राकृतिक स्रोतों से लेना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।
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