Kolkata Durga Puja Stampede : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। चोर बागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होने से कई लोगों के हताहत होने की सूचना है। दी गई जानकारी के मुताबिक, इस घटना में 17 लोगों की मौत हुई है, जबकि कम से कम 35 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे की खबर सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर जताया दुख
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर घटना पर हैरानी और दुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि भगदड़ की घटना के बारे में जानकर उन्हें बहुत दुख हुआ है। उन्होंने मां दुर्गा से प्रार्थना की कि हादसे में घायल सभी लोग जल्द स्वस्थ हों। साथ ही, उन्होंने प्रभावित परिवारों को इस कठिन समय का सामना करने के लिए शक्ति और साहस मिलने की कामना की। उनकी प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब पूजा पंडाल में हुई घटना को लेकर लोगों के बीच चिंता का माहौल है।
सप्तमी की शाम पंडाल में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम शारदीय नवरात्रि की सप्तमी के अवसर पर चोर बागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे। त्योहार के दौरान पंडाल में भीड़ बढ़ने के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, भीड़ के दबाव के कारण पंडाल का एक हिस्सा ढह गया। इसके बाद वहां भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई और कई लोग घायल हो गए।

घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया
घटना के बाद घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की गई। रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित लोगों को इलाज के लिए कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में घायलों का उपचार शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, घायलों की स्थिति, मृतकों की पहचान और हादसे के सटीक कारणों से जुड़ी विस्तृत जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
आयोजकों और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
बताया गया है कि पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति बनने के बाद आयोजकों ने हालात संभालने और प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए कदम उठाए। सूचना मिलने पर पुलिसकर्मी और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। ऐसे हादसों में भीड़ को नियंत्रित करना, घायलों को सुरक्षित बाहर निकालना और चिकित्सा सहायता तक पहुंचाना सबसे अहम होता है। प्रशासन की कार्रवाई और घटना की परिस्थितियों से संबंधित विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
दुर्गा पूजा के अवसर पर कोलकाता के विभिन्न पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रवेश और निकास के रास्तों, भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन निकासी तथा पंडालों की संरचनात्मक सुरक्षा का विशेष महत्व होता है। चोर बागान की घटना ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा इंतजामों की अहमियत को सामने ला दिया है। फिलहाल, घटना में हताहत लोगों की संख्या और हादसे के कारणों के संबंध में आधिकारिक पुष्टि तथा विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
Read More : Kolkata Durga Puja Pandal: चोरबागान में भगदड़ जैसी स्थिति, 17 की मौत, 45 घायल की खबर से मचा हड़कंप