India Pakistan clash : लंदन। ब्रिटेन के ईस्ट इल्फोर्ड लेन इलाके में भारत और पाकिस्तान समर्थकों के बीच स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। यह घटना 14 और 15 अगस्त की रात की बताई जा रही है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि तिरंगा लिए भारतीय मुस्लिम युवकों के एक समूह को पाकिस्तानी मूल के लोगों ने घेर लिया और दोनों पक्षों के बीच जबरदस्त नारेबाजी शुरू हो गई।

क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब भारतीय मूल के कुछ युवक हाथ में तिरंगा लेकर सड़क पर निकले। तभी वहां मौजूद पाकिस्तानी समर्थकों ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि पाकिस्तानी झंडा लहराते हुए लोग भारतीय युवकों के करीब पहुंच गए और उन्हें उकसाने वाले इशारे किए। तनाव बढ़ने से पहले भारतीय युवक शांति बनाए रखते हुए वहां से हटते नजर आए। हालांकि, मौके पर मौजूद बड़ी भीड़ के कारण माहौल कुछ समय तक तनावपूर्ण बना रहा।

पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं
इस पूरे मामले को लेकर अब तक लंदन पुलिस ने कोई गिरफ्तारी नहीं की है और न ही कोई औपचारिक जांच शुरू होने की पुष्टि हुई है। स्थानीय पुलिस की ओर से इस घटना पर आधिकारिक बयान भी सामने नहीं आया है। इसके बावजूद यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है और भारतीय-पाकिस्तानी समुदायों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
गौरतलब है कि ईस्ट लंदन के इलाकों में भारत और पाकिस्तान मूल की बड़ी आबादी रहती है। दोनों देशों के राष्ट्रीय पर्वों जैसे भारत का स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) और पाकिस्तान दिवस (14 अगस्त)के दौरान अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं।साल 2020 में ईस्ट लंदन में कुछ पाकिस्तानी समर्थकों द्वारा तिरंगे का अपमान किया गया था, जिस पर सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना हुई थी। साल 2021 में भी एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें तिरंगा लेकर घूम रहे भारतीय युवकों को घेर लिया गया था।
ऑनलाइन बहस तेज
वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर दोनों समुदायों के लोग अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। भारतीय समुदाय से जुड़े कई लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इस तरह का व्यवहार बेहद उकसाने वाला और अस्वीकार्य है। वहीं, पाकिस्तानी समर्थक इसे “अपनी पहचान जताने का तरीका” बता रहे हैं।
हालात नियंत्रित, लेकिन सवाल बरकरार
फिलहाल इलाके में हालात सामान्य बताए जा रहे हैं। हालांकि, यह घटना कई अहम सवाल खड़े करती है कि हर साल ऐसे मौके पर भारत और पाकिस्तान मूल के समुदायों के बीच तनाव क्यों बढ़ जाता है और स्थानीय प्रशासन इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।










