Vice President Election 2025: देश का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा, इसे लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। वहीं, विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक आज अपने उम्मीदवार का नाम सामने लाएगा। इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के सरकारी आवास पर दोपहर 12:30 बजे बैठक बुलाई गई है।

INDIA ब्लॉक में इन नामों पर मंथन
सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष की ओर से कई नामों पर चर्चा चल रही है। इनमें प्रमुख हैं -पूर्व इसरो वैज्ञानिक मैलस्वामी अन्नादुरई (जिन्होंने चंद्रयान-1 परियोजना का नेतृत्व किया था),महात्मा गांधी के परपोते और इतिहासकार तुषार गांधी,डीएमके के राज्यसभा सांसद तिरुचि सिवा।बैठक के बाद INDIA ब्लॉक अपने उम्मीदवार का आधिकारिक ऐलान कर सकता है।

कब होगा चुनाव?
9 सितंबर को उपराष्ट्रपति पद का चुनाव होगा। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन मतगणना कर परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। इस चुनाव की अधिसूचना 7 अगस्त को जारी की गई थी, जबकि नामांकन की अंतिम तिथि 21 अगस्त है।एनडीए ने इस बार तमिलनाडु के बड़े चेहरे और मौजूदा महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन पर दांव लगाया है। उन्हें अक्सर ‘तमिलनाडु का मोदी’ कहा जाता है।उन्होंने महज 16 साल की उम्र में RSS ज्वाइन किया था। राज्य में 19,000 किलोमीटर लंबी रथ यात्रा का नेतृत्व करने के बाद वे काफी सुर्खियों में आए थे। राधाकृष्णन को तमिलनाडु में भाजपा का बड़ा चेहरा माना जाता है, जिनकी संगठनात्मक पकड़ मजबूत है।
INDIA ब्लॉक की रणनीति
विपक्षी गठबंधन के लिए यह चुनाव एकजुटता दिखाने का अहम मौका माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर INDIA ब्लॉक पूर्व इसरो वैज्ञानिक अन्नादुरई को उम्मीदवार बनाता है, तो यह चुनाव विज्ञान, तकनीक और शिक्षा जगत से जुड़े वर्गों को संदेश देने का प्रयास होगा। वहीं, तुषार गांधी जैसे नाम विपक्ष को नैतिक और ऐतिहासिक आधार देने का काम कर सकते हैं।
राजनीतिक समीकरण
संसद में एनडीए के पास संख्यात्मक बढ़त है, ऐसे में सीपी राधाकृष्णन की जीत की संभावना ज्यादा मानी जा रही है। हालांकि, विपक्ष भी अपनी एकता और वैचारिक मजबूती का संदेश देने के लिए उम्मीदवार उतारने के मूड में है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह चुनाव भले ही औपचारिकता लगे, लेकिन इसके नतीजे 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले गठबंधनों की स्थिति को समझने का संकेत देंगे। उपराष्ट्रपति चुनाव केवल एक संवैधानिक पद भरने का मामला नहीं है, बल्कि यह देश की राजनीति में नए समीकरण बनाने और संदेश देने का मंच भी है। जहां एनडीए ने तमिलनाडु से बड़ा चेहरा उतारकर दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने का इशारा किया है, वहीं विपक्ष किस रणनीति के साथ मैदान में उतरता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।










