NEET Result 2026 : नीट यूजी (NEET-UG) परीक्षा के नतीजों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और चिंताजनक मामला पंजाब के लुधियाना से सामने आया है। समराला क्षेत्र के गांव नड़ेले की रहने वाली छात्रा सिमरन रानी ने दावा किया है कि नीट यूजी री-एग्जाम के परिणाम घोषित होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट पर उसे 720 में से 715 अंक मिले थे और उसकी ‘ऑल इंडिया रैंक-1’ प्रदर्शित हो रही थी। इस असाधारण उपलब्धि पर सिमरन और उसके परिवार का उत्साह सातवें आसमान पर था। परिवार ने तुरंत खुशी का इजहार करते हुए आसपास के लोगों में मिठाइयां बांटीं और गांव के सरपंच ने भी इस प्रतिभावान छात्रा को सम्मानित किया। हालांकि, यह खुशी बहुत ही कम समय के लिए थी।

वेबसाइट से रिजल्ट का गायब होना और रहस्यमयी परिस्थितियां
खुशियों के कुछ ही समय बाद जब सिमरन ने अपनी सफलता की पुष्टि करने के लिए दोबारा वेबसाइट पर लॉग-इन किया, तो उसे अपने अंकों में तो वही स्कोर दिखा, लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि आधिकारिक मेरिट लिस्ट में उसका नाम कहीं भी नहीं था। असमंजस में पड़े परिवार ने जब तीसरी बार वेबसाइट पर लॉग-इन करने की कोशिश की, तो स्क्रीन पर से उसका पूरा रिजल्ट ही गायब हो गया। बार-बार प्रयास करने के बावजूद सिमरन का रिजल्ट न तो पोर्टल पर दिखा और न ही मेरिट लिस्ट में उसका कोई अता-पता मिला। इस स्थिति ने परिवार को सदमे में डाल दिया है और वे पूरी तरह से परेशान हैं कि आखिर उनकी बेटी के साथ यह क्या हुआ है।

कड़ी मेहनत और परिवार की उम्मीदों को लगा बड़ा झटका
सिमरन रानी के पिता हरदीप कुमार और दादा किसान हैं, जो बेहद सीमित संसाधनों में अपनी बेटी को उच्च शिक्षा दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। सिमरन की असाधारण सफलता के पीछे उसकी दिन-रात की 12 से 13 घंटे की कठिन मेहनत है। उसकी मां पूनम का सवाल है कि यदि वेबसाइट पर सिस्टम ने उन्हें 715 अंक दिखाए थे, तो अंततः उसे मेरिट लिस्ट से बाहर कैसे किया जा सकता है? परिवार का कहना है कि यह केवल एक तकनीकी चूक नहीं, बल्कि एक होनहार छात्रा के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो सकता है। अब परिवार ने अपनी ओएमआर (OMR) शीट और आंसर-की को सार्वजनिक करने की मांग की है ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।
अधिकारियों से गुहार और न्याय की राह में अगला कदम
इस पूरे मामले को लेकर गांव के सरपंच नीरज ने बताया कि सिमरन ने अपनी स्क्रीन पर दिखाई दिए उस रिजल्ट का स्क्रीनशॉट सुरक्षित रख लिया है, जो उसके दावे का मुख्य आधार है। परिवार ने इस धांधली की शिकायत संबंधित अधिकारियों से कर दी है और उन्हें सुनवाई के लिए दिल्ली बुलाया गया है। सिमरन और उसके परिजनों ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर उन्हें वहां से संतोषजनक जवाब या न्याय नहीं मिलता है, तो वे अपनी बेटी के अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेंगे। फिलहाल, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से इस संवेदनशील मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे छात्र जगत में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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