Sonam Wangchuk : सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की 21 दिनों से जारी भूख हड़ताल ने एक नया और संवेदनशील मोड़ ले लिया है। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने सफदरजंग अस्पताल प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले को और अधिक पेचीदा बना दिया है। गीतांजलि ने सोशल मीडिया के माध्यम से चेतावनी दी है कि यदि उनके पति के स्वास्थ्य को कोई भी नुकसान पहुँचता है, तो इसकी पूर्ण जवाबदेही अस्पताल प्रशासन और वर्तमान सरकार की होगी। उनका कहना है कि उन्हें अब सफदरजंग अस्पताल की निष्पक्षता और उपचार प्रक्रियाओं पर कोई भरोसा नहीं रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल उन्हें निजी स्वास्थ्य केंद्र में शिफ्ट करने की अनुमति नहीं दे रहा है, जो कि मरीज के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।

स्वास्थ्य रिपोर्ट और डेटा को लेकर परिवार व अस्पताल में विरोधाभास
गीतांजलि ने अस्पताल द्वारा जारी स्वास्थ्य आंकड़ों और वास्तविक स्थिति में बड़े अंतर का दावा किया है। उनके अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने मौखिक रूप से परिवार को सूचित किया था कि सोनम वांगचुक का पोटैशियम स्तर 2.9 तक गिर गया है, जो कि चिकित्सकीय दृष्टि से अत्यंत खतरनाक और जानलेवा स्थिति है। हालांकि, अस्पताल द्वारा आधिकारिक रूप से जारी सार्वजनिक हेल्थ बुलेटिन में इस विशिष्ट आंकड़े को छिपाया गया और केवल यह उल्लेख किया गया कि ‘पोटैशियम का स्तर कम हो रहा है’। दूसरी ओर, परिवार द्वारा करवाई गई एक स्वतंत्र लैब की जांच रिपोर्ट में पोटैशियम का स्तर 3.5 पाया गया, जो कि सामान्य सीमा के भीतर है। यह विरोधाभास अस्पताल की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न चिह्न खड़े करता है।

इलाज के नाम पर ‘अवैध हिरासत’ का दावा और पुलिस का पहरा
पत्नी गीतांजलि ने आरोप लगाया है कि सोनम वांगचुक को एक प्रकार की अवैध हिरासत में रखा गया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल के जिस फ्लोर पर वांगचुक भर्ती हैं, वहां लगभग 30 पुलिसकर्मी तैनात हैं, जबकि पूरे परिसर में पुलिस बल की संख्या 100 से भी अधिक है। इस कड़े सुरक्षा घेरे के कारण उनकी और परिवार की आवाजाही पूरी तरह सीमित कर दी गई है। उनका स्पष्ट मानना है कि यह इलाज नहीं, बल्कि एक सुनियोजित तरीके से दी जा रही प्रताड़ना है। अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज करवाने के मौलिक अधिकार के लिए गीतांजलि ने अब दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और तत्काल सुनवाई की गुहार लगाई है ताकि वांगचुक को सुरक्षित किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट किया जा सके।
सफदरजंग अस्पताल का रुख और भूख हड़ताल की वर्तमान स्थिति
सफदरजंग अस्पताल ने अपने ताजा हेल्थ बुलेटिन में स्पष्ट किया है कि सोनम वांगचुक फिलहाल होश में हैं और उनका रक्तचाप, नाड़ी व ऑक्सीजन स्तर सामान्य बना हुआ है। अस्पताल ने यह भी स्वीकार किया कि लंबे समय तक अन्न-जल त्यागने के कारण उनमें निर्जलीकरण (dehydration) के गंभीर लक्षण हैं। अस्पताल के अनुसार, एम्स के विशेषज्ञों की सलाह के बावजूद वांगचुक नसों के माध्यम से तरल पदार्थ, ओआरएस या अन्य दवाएं लेने से लगातार इनकार कर रहे हैं। साथ ही, अस्पताल ने यह भी कहा कि परिवार ने भी उपचार के लिए अभी तक अपनी आधिकारिक सहमति प्रदान नहीं की है। 28 जून से चल रही वांगचुक की यह भूख हड़ताल अब एक कानूनी और नैतिक संघर्ष का विषय बन गई है।
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