Madagascar Military Rule: मेडागास्कर में सेना ने सत्ता संभाली, राष्ट्रपति भागे: देश में राजनीतिक संकट गहरा

Madagascar Military Rule: अफ्रीकी द्वीप देश मेडागास्कर में सैन्य बलों ने मंगलवार को सत्ता पर कब्जा कर लिया है, एक सेना कर्नल ने राष्ट्रीय रेडियो पर यह घोषणा की। यह कदम व्यापक जनरल जेड (Gen Z) के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन के बीच आया है, जो हाल ही में चरम सीमा पर पहुंच गया था।

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सेना के कैपसैट (CAPSAT) यूनिट के कर्नल माइकल रैंड्रियानिरिना ने कहा, “हमने सत्ता ले ली है।” उन्होंने बताया कि सेना ने राष्ट्रपति और उच्च स्तरीय सरकारी संस्थानों को स्थगित कर दिया है, केवल निचले सदन संसद को छोड़कर।

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राष्ट्रपति एंड्री राजोएलिना का भागना और विरोध

राष्ट्रपति एंड्री राजोएलिना, जो पहले राजधानी एंटानानारिवो के मेयर रह चुके हैं, ने देश छोड़ दिया है और कहा है कि उन्हें अपनी जान का खतरा है। संसद ने राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित किया, जिसमें 130 सांसदों ने समर्थन दिया, जो दो-तिहाई बहुमत से काफी अधिक है। हालांकि, राष्ट्रपति ने नेशनल असेंबली को भंग कर दिया था, जिससे यह प्रक्रिया और विवादास्पद हो गई।

राज्यसभा, उच्च संवैधानिक अदालत, और चुनाव आयोग सहित कई महत्वपूर्ण संस्थान सेना द्वारा निलंबित कर दिए गए हैं। उच्च संवैधानिक अदालत ने भी राष्ट्रपति के पद को खाली घोषित कर दिया है और कर्नल रैंड्रियानिरिना की अगुवाई में सेना को कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी का पद संभालने का निमंत्रण दिया है।

सेना का अगला कदम

कर्नल रैंड्रियानिरिना ने बताया कि सेना एक समिति बनाएगी जिसमें सेना, पैरामिलिट्री गेंडरमेरी और राष्ट्रीय पुलिस के अधिकारी शामिल होंगे। भविष्य में इस समिति में वरिष्ठ नागरिक सलाहकार भी शामिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, “यह समिति राष्ट्रपति के कामकाज को अंजाम देगी। कुछ ही दिनों में एक नागरिक सरकार भी गठित की जाएगी।” इसके साथ ही सेना जल्द ही एक नया प्रधानमंत्री भी नियुक्त करेगी।

राष्ट्रपति और प्रशासन का विरोध

राष्ट्रपति के कार्यालय ने सेना के इस कदम को एक “कोशिश की गई तख्तापलट” करार दिया है। एक फेसबुक पोस्ट में कहा गया, “सशस्त्र सैन्य बलों की उपस्थिति राष्ट्रपति भवन के सामने स्पष्ट रूप से तख्तापलट का प्रयास है।” राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वे अभी भी देश के पूर्ण राष्ट्रपति हैं और संविधान की रक्षा कर रहे हैं।

विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

मेडागास्कर में विरोध प्रदर्शन 25 सितंबर से शुरू हुए, जो शुरू में बिजली और पानी की कमी को लेकर थे, लेकिन बाद में प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति राजोएलिना और अन्य मंत्रियों के इस्तीफे की मांग करने लगे। सप्ताहांत में प्रदर्शन चरम पर पहुंच गया, जब सेना और सुरक्षा बल भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आ गए।

सेना की इस भूमिका ने विरोध प्रदर्शन को और तेज कर दिया, जिसमें सरकारी कर्मचारियों और ट्रेड यूनियन के लोग भी शामिल हो गए। राजोएलिना ने कहा कि वे सुरक्षित हैं, लेकिन अपनी वर्तमान लोकेशन का खुलासा नहीं किया।

मेडागास्कर में जारी यह राजनीतिक संकट देश के लिए बड़े बदलाव का संकेत है। सेना के सत्ता संभालने से आगे की राजनीति और शांति प्रक्रिया पर गहरा असर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है, और अब देखना होगा कि सेना और नागरिक सरकार के बीच संतुलन कैसे स्थापित होता है।

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