Pratappur-Chandaura Road : घटिया निर्माण की भेंट चढ़ चुके करोड़ों की लागत वाले प्रतापपुर-चंदौरा मार्ग की जांच को लेकर अनुविभाग स्तरीय जनदर्शन में सोमवार को दी गई शिकायत के संबंध में मंगलवार को TheTarget365 ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशन व शिकायत के बाद कोई जांच तो अब तक शुरू नहीं हो सकी है पर विभागीय ठेकेदार ने मार्ग की मरम्मत जरुर शुरू कर दी है।

अपने बनने के कुछ माह बाद ही जगह जगह से उखड़ रहे मार्ग के निर्माण में हुई अनियमितताओं की जांच करने की मांग क्षेत्रवासी लगातार उठा रहे हैं। बावजूद इसके ठेकेदार व विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से मार्ग में हुए घटिया निर्माण की कोई जांच नहीं की जा रही है। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी मौन साधे हुए हैं। मार्ग की दुर्दशा के जिम्मेदारों से कोई सवाल जवाब नहीं किए जा रहे हैं।

मंगलवार को खबर प्रकाशन के बाद बुधवार से ठेकेदार द्वारा जगह जगह से उखड़ चुके मार्ग में एक्सीवेटर मशीनों से डामर बिछाकर मरम्मत करने का कार्य किया जा रहा है। पर सवाल यह उठता है कि यह मरम्मत की लीपापोती आखिर कब तक टिकेगी। इस संबंध में लोगों का कहना है कि गारंटी अवधि में ही उखड़ रहा मार्ग स्पष्ट तौर पर यह बता रहा है कि उसके नवीनीकरण के कार्य में जमकर कमीशनखोरी हुई है। जिसके कारण मार्ग का नवीनीकरण तय मानकों के अनुरूप नहीं हो सका और अपने बनने के कुछ माह बाद ही बदहाल हो गया।
करोड़ों रुपए खर्च कर बनाए गए मार्ग में हुए भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं होने से भाजपा सरकार की जीरो टॉलरेंस वाली नीति पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि मार्ग में हुए कमीशन के खेल को मरम्मत की चादर से ढकने का काम कर भ्रष्टाचार को छुपाया जा रहा है जो किसी भी प्रकार से उचित नहीं है।
माना कि अपने बनने के कुछ माह बाद से ही गड्ढों में तब्दील हो रहे मार्ग की मरम्मत जरुरी है पर इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर भी तो कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि सवाल जनता की गाढ़ी कमाई से बनाए गए मार्ग का है।











