Maharashtra politics 2025 : महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण फिर से बदलने की ओर इशारा करते हुए राज्य के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने रविवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के संपर्क में विपक्ष के कई सांसद हैं, जिनमें शिवसेना (यूबीटी) के नेता प्रमुख रूप से शामिल हैं। महाजन के अनुसार, पहले से ही 4 सांसद भाजपा के संपर्क में थे और अब 3 और सांसदों के जुड़ने की संभावना है। यह सांसद विभिन्न दलों से हैं, जिनमें शिवसेना (यूबीटी) का वर्चस्व है।
‘ठाकरे ब्रांड खत्म हो चुका है’, महाजन का तीखा हमला
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत के एक इंटरव्यू में उद्धव ठाकरे को “ब्रांड महाराष्ट्र और हिंदू गौरव की पहचान” बताने पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरीश महाजन ने कहा कि ठाकरे ब्रांड अब अस्तित्वहीन हो चुका है। उन्होंने कहा कि असली शिवसेना नेता बालासाहेब ठाकरे थे, लेकिन 2019 में जब उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया, तब उन्होंने बालासाहेब के विचारों को त्याग दिया। इस गठबंधन के बाद शिवसेना की पहचान और विचारधारा दोनों में बदलाव आया, जिससे ठाकरे ब्रांड की चमक फीकी पड़ गई।
महाराष्ट्र में सांसदों की मौजूदा स्थिति
महाराष्ट्र की कुल 48 लोकसभा सीटों में से राजनीतिक दलों की स्थिति इस प्रकार है—कांग्रेस के पास सबसे ज्यादा 13 सांसद हैं। भाजपा और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के पास 9-9 सांसद हैं। शरद पवार की एनसीपी (एसपी) के पास 8, जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पास 7 और अजित पवार की एनसीपी के पास 1 सांसद हैं। भाजपा द्वारा विपक्षी सांसदों के संपर्क में होने की खबरों ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है।
‘हनीट्रैप’ घोटाले पर BJP का पलटवार
हाल ही में कांग्रेस नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने ठाणे, नासिक और मुंबई के मंत्रालयों में कार्यरत अधिकारियों से जुड़े ‘हनीट्रैप’ घोटाले का आरोप लगाया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरीश महाजन ने कहा कि पटोले सीडी और पेन ड्राइव की बात करते रहते हैं, लेकिन कोई प्रमाण नहीं देते। उन्होंने कहा कि अगर उनके पास कोई ठोस सबूत है तो उसे विधानसभा अध्यक्ष को सौंपें, वरना इस तरह की बयानबाजी बेबुनियाद है।
फडणवीस ने भी कहा- नहीं मिला कोई ब्लैकमेलिंग का मामला
उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी विधानसभा में स्पष्ट किया कि अब तक हनीट्रैप से संबंधित किसी भी प्रकार की ब्लैकमेलिंग की शिकायत सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि नासिक में एक महिला द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया। उन्होंने मामले को बिना तथ्यों के तूल न देने की अपील की।
फडणवीस-ठाकरे मुलाकात पर भी दी सफाई
हाल ही में देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे के बीच हुई मुलाकात को लेकर भी कई राजनीतिक अटकलें लगाई गई थीं। इस पर जल संसाधन मंत्री महाजन ने सफाई देते हुए कहा कि यह मुलाकात विधानसभा सत्र के दौरान हुई थी और उसमें केवल सामान्य, सौहार्द्रपूर्ण बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा कि हर छोटी-बड़ी मुलाकात को राजनीति से जोड़कर देखना ठीक नहीं है और हर बार नकारात्मक टिप्पणी करना आवश्यक नहीं।
राजनीतिक जोड़-तोड़ से फिर गरमाई महाराष्ट्र की सियासत
भाजपा नेता महाजन के बयानों ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में संभावित फेरबदल की ओर इशारा किया है। विपक्षी दलों खासकर शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी में विभाजन और भीतरघात की अटकलें तेज हो गई हैं। अगर भाजपा के संपर्क में चल रहे सांसद वास्तव में पार्टी में शामिल होते हैं, तो यह महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा झटका साबित हो सकता है।
महाराष्ट्र में फिर से उठ रहा सियासी तूफान
गिरीश महाजन के दावों से साफ है कि भाजपा एक बार फिर विपक्ष को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रही है। शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी जैसे दलों में टूट की संभावना को नकारा नहीं जा सकता। आने वाले दिनों में अगर कुछ सांसद पार्टी बदलते हैं, तो महाराष्ट्र की सत्ता और आगामी राजनीतिक समीकरणों पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।