Malegaon bomb blast case: 2008 के मालेगांव बम धमाके मामले में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत द्वारा बरी किए गए सात आरोपियों को बॉम्बे हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। यह नोटिस पीड़ित परिवारों की ओर से दायर अपील पर सुनवाई के बाद जारी किया गया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी आरोपी छह हफ्तों के भीतर अपना लिखित जवाब दाखिल करें। जिन आरोपियों को नोटिस भेजा गया है, उनमें भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।

क्या है मालेगांव बम ब्लास्ट मामला?
13 सितम्बर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव शहर में हुए बम धमाके में 6 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस मामले की जांच पहले महाराष्ट्र एटीएस ने की थी, लेकिन बाद में इसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया।
लंबी सुनवाई और जांच प्रक्रिया के बाद NIA की विशेष अदालत ने दिसम्बर 2023 में सातों आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। अदालत का कहना था कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश करने में असफल रहा।
पीड़ितों ने किया हाईकोर्ट का रुख
एनआईए कोर्ट के फैसले से असंतुष्ट पीड़ितों और मृतकों के परिजनों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील दायर की। अपील में कहा गया है कि NIA कोर्ट ने कई अहम सबूतों को नजरअंदाज किया और जांच एजेंसी ने प्रभावी ढंग से आरोपियों के खिलाफ केस नहीं पेश किया। पीड़ित पक्ष की ओर से दलील दी गई कि इस फैसले से न्याय प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं और उच्च न्यायालय को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।
हाईकोर्ट की टिप्पणी
हाईकोर्ट ने अपील की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी बरी आरोपियों से जवाब लेना जरूरी है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि वह दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लेगा।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और कर्नल पुरोहित का नाम इस केस से जुड़ा होने के कारण यह मामला शुरू से ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है। भाजपा नेता प्रज्ञा ठाकुर वर्तमान में भोपाल से लोकसभा सांसद हैं, जबकि कर्नल पुरोहित भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं। इस मामले में हाईकोर्ट की अगली सुनवाई आने वाले हफ्तों में होनी है, जो भविष्य की न्यायिक दिशा तय करेगी।
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