Mallikarjun Kharge : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। सोमवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए खरगे ने कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगों को स्पष्ट करते हुए इन्हें ‘नॉन-नेगोशिएबल’ बताया। उनकी मांगों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को रद्द करना और चुनावों में EVM की जगह बैलेट पेपर का इस्तेमाल शामिल है।
पहली मांग- CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा
मल्लिकार्जुन खरगे की पहली मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से जुड़ी है। कांग्रेस लंबे समय से निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठाती रही है। पार्टी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आयोग के शीर्ष स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। खरगे ने इसी मुद्दे को अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया है।
दूसरी मांग- SIR प्रक्रिया तत्काल रद्द हो
कांग्रेस अध्यक्ष ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को भी रद्द करने की मांग की है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर मतदाता सूची से नाम हटने और पात्र मतदाताओं के अधिकारों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं निर्वाचन आयोग SIR को मतदाता सूची को व्यवस्थित और अद्यतन करने की प्रक्रिया के तौर पर बचाव करता रहा है। ऐसे में यह मुद्दा सरकार, विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक बहस का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
तीसरी मांग- EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव
खरगे की तीसरी मांग आगामी चुनावों को EVM के बजाय बैलेट पेपर से कराने की है। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उसके भरोसे और पारदर्शिता संबंधी सवालों का समाधान जरूरी है। पार्टी ने अपनी मांगों में पारंपरिक मतपत्र व्यवस्था की वापसी को शामिल किया है। खरगे ने इन तीनों मांगों को लेकर पार्टी के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस इन्हें लेकर अपने आंदोलन को जारी रखेगी।
देशभर में प्रदर्शन का कांग्रेस ने किया दावा
खरगे ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता और INDIA गठबंधन के सहयोगी दल देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने नागरिक समाज और युवा संगठनों का भी समर्थन करने की बात कही, जो चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन कर रहे हैं। इससे साफ है कि कांग्रेस इन मांगों को केवल संसद या राजनीतिक मंचों तक सीमित रखने के बजाय सड़क पर भी उठाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।
महिला पत्रकारों के आरोपों पर भी खरगे ने उठाए सवाल
खरगे ने दिल्ली में हालिया प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों द्वारा पुलिसकर्मियों पर लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के आरोपों को भी उठाया। दिल्ली पुलिस के अनुसार तीन महिला पत्रकारों ने शिकायतें दी थीं, जिन्हें जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है। मामले में आरोपों की जांच जारी है। खरगे ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर राजनीतिक हमला किया तथा इसे गंभीर मुद्दा बताया।
प्रियंका गांधी ने भी प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से पूछे सवाल
इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी महिला पत्रकारों की शिकायतों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकारों की शिकायतों के बावजूद तत्काल FIR और ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रियंका ने सोशल मीडिया पोस्ट में सवाल उठाया कि यदि महिलाओं के साथ ऐसा व्यवहार उचित नहीं है तो सरकार इस मामले का संज्ञान क्यों नहीं ले रही है।
दिल्ली पुलिस ने शिकायतें क्राइम ब्रांच को सौंपीं
महिला पत्रकारों से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस ने शिकायतों को क्राइम ब्रांच के पास भेज दिया है। अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे तथा उपलब्ध साक्ष्यों की भी समीक्षा की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद मामले में जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है। कांग्रेस हालांकि इसे लेकर सरकार से जवाबदेही और कार्रवाई की मांग कर रही है।
SIR और चुनावी प्रक्रिया पर बढ़ी राजनीतिक बहस
CEC के इस्तीफे, SIR को रद्द करने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की कांग्रेस की मांगों के साथ चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हुआ है। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग SIR प्रक्रिया का बचाव कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में कांग्रेस और INDIA गठबंधन के आंदोलन तथा चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया के बीच यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना रह सकता है।
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