Patna News : बिहार की राजधानी पटना में 1799 पदों वाली दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में अभ्यर्थियों का आंदोलन सोमवार को तेज हो गया। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थी गांधी मैदान से लोक सेवक आवास की ओर मार्च निकालने के लिए सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने गांधी मैदान, जेपी गोलंबर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई।
10,789 सफल अभ्यर्थियों ने मार्च का किया ऐलान
अभ्यर्थियों के मुताबिक, 10,789 सफल उम्मीदवारों ने गांधी मैदान से लोक सेवक आवास तक मार्च निकालने की योजना बनाई थी। प्रदर्शनकारी डाक बंगला चौराहे की ओर भी पहुंचे। जेपी गोलंबर पर पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की गई। बाद में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी सामने आई।
सात दिनों से गर्दनीबाग में चल रहा था धरना
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले करीब सात दिनों से पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर अपनी मांगों को लेकर बैठे थे। उनका आरोप है कि लगातार प्रदर्शन के बावजूद उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। इसी वजह से अब उन्होंने आंदोलन को धरना स्थल से निकालकर राजधानी की सड़कों तक पहुंचाने का फैसला किया है।
मेंस परीक्षा रद्द करने का फैसला वापस लेने की मांग
अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी मांग मुख्य परीक्षा रद्द करने के फैसले को वापस लेने की है। उनका कहना है कि प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने मुख्य परीक्षा के लिए लंबे समय तक तैयारी की और परीक्षा में सफल भी हुए। इसके बाद वे शारीरिक दक्षता परीक्षा यानी PET की तैयारी में जुटे थे। ऐसे समय में मुख्य परीक्षा रद्द होने से भर्ती प्रक्रिया को लेकर उनके सामने अनिश्चितता पैदा हो गई है।
अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग उठाई
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के कई चरण पार किए हैं और अब चयन के अगले चरण की तैयारी कर रहे थे। ऐसे में वे चाहते हैं कि आयोग परीक्षा रद्द करने के निर्णय की समीक्षा करे और भर्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द आगे बढ़ाए। अभ्यर्थियों ने शारीरिक दक्षता परीक्षा की तारीख घोषित करने की मांग भी उठाई है।
23 सितंबर को BPSSC ने रद्द की थी मुख्य परीक्षा
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग यानी BPSSC ने 23 सितंबर 2026 को 1799 दारोगा पदों के लिए आयोजित मुख्य लिखित परीक्षा रद्द करने का नोटिस जारी किया था। यह परीक्षा 27 मई 2026 को दो पालियों में आयोजित की गई थी। आयोग ने परीक्षा रद्द करने के पीछे ‘अपरिहार्य कारण’ बताए थे। साथ ही नई परीक्षा तारीख की जानकारी बाद में जारी करने की बात कही गई थी।
परीक्षा रद्द होने की वजह पर अभ्यर्थियों के सवाल
BPSSC के नोटिस में परीक्षा रद्द करने का विस्तृत तकनीकी या प्रशासनिक कारण नहीं बताया गया। इसी वजह से अभ्यर्थी इस फैसले को लेकर लगातार स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में परीक्षा में कथित अनियमितताओं के आरोपों का भी उल्लेख हुआ है, हालांकि आयोग ने आधिकारिक तौर पर इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है।
अब नई परीक्षा तारीख का इंतजार
मुख्य परीक्षा रद्द होने के बाद भर्ती प्रक्रिया फिलहाल नए शेड्यूल के इंतजार में है। आयोग ने कहा है कि दोबारा परीक्षा की तारीख अलग से घोषित की जाएगी। वहीं सफल अभ्यर्थी चाहते हैं कि उनकी पहले की मेहनत और परीक्षा परिणाम को ध्यान में रखते हुए भर्ती प्रक्रिया जल्द बहाल की जाए। पटना में जारी प्रदर्शन से यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।
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