Mamata Banerjee GST: जीएसटी सुधारों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि GST दरों में कटौती का श्रेय केंद्र को नहीं, बल्कि राज्य सरकारों को जाता है, जिन्होंने वर्षों से इस पर दबाव बनाया है। ममता का पीएम मोदी पर तंज रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने नई जीएसटी नीति की घोषणा करते हुए कहा कि कई ज़रूरी वस्तुओं पर GST कम किया गया है जिससे देशवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। इसी बीच दक्षिण कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडालों के उद्घाटन के दौरान ममता बनर्जी ने बिना नाम लिए प्रधानमंत्री को आड़े हाथों लिया।उन्होंने कहा,“कुछ लोग जीएसटी को लेकर बड़े-बड़े भाषण दे रहे हैं। लेकिन असली श्रेय भाषण देने वालों को नहीं, राज्यों को जाता है। रत्नों और हीरों पर कर में छूट दी गई है, ये हमने पहले ही केंद्र को पत्र लिखकर कहा था।” राजस्व में नुकसान, मुआवज़ा नहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि जीएसटी के मौजूदा ढांचे से पश्चिम बंगाल को भारी राजस्व घाटा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्यों को उनका वाजिब हिस्सा नहीं दे रही है।उन्होंने कहा:“GST से राज्य की कमाई में कमी आई है। हमें 900 करोड़ का नुकसान हुआ है, लेकिन केंद्र से कोई मुआवजा नहीं मिला। केंद्र सरकार सिर्फ भाषण देती है, हकीकत में सहयोग नहीं।” बकाया 20 हजार करोड़ रुपये का दावा ममता ने दावा किया कि केंद्र सरकार पर बंगाल का लगभग ₹20,000 करोड़ बकाया है। इस बकाया की वजह से राज्य में कई योजनाओं और बुनियादी विकास कार्यों में देरी हो रही है।उन्होंने कहा:“हमारे यहां 100 दिन का काम, सड़कों का काम, सर्व शिक्षा अभियान सब रुका हुआ है। केंद्र सरकार ने पैसा देना बंद कर दिया है। जब उत्तर प्रदेश या बिहार में कुछ होता है, तो केंद्र को कुछ दिखता नहीं, लेकिन बंगाल में छिपकली भी भागे तो जांच समिति आ जाती है।” GST राहत से आम लोगों को फायदा हालांकि, ममता बनर्जी ने GST दरों में कटौती को आम लोगों के लिए लाभकारी बताया और कहा कि पूजा के इस शुभ अवसर पर जनता को इसका भरपूर लाभ उठाना चाहिए।उन्होंने कहा:“हमें खुशी है कि आम लोगों को सस्ते दामों में चीजें मिलेंगी। हम नहीं चाहते कि लोगों को बीमा के लिए पैसे देने पड़ें। हम स्वास्थ्य बीमा फ्री में देते हैं।” प्रधानमंत्री के GST घोषणाओं के बाद विपक्षी दलों की ओर से विरोध के सुर तेज हो गए हैं। ममता बनर्जी का यह बयान सिर्फ जीएसटी पर नहीं, बल्कि केंद्र-राज्य संबंधों में वित्तीय असंतुलन और राजनीतिक मतभेद को भी उजागर करता है। अब देखना यह होगा कि केंद्र इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है। Read More: GST Reforms 2025 : GST रिफॉर्म्स और नवरात्रि शॉपिंग, कैसे सस्ते होंगे आपकी टोकरी के सामान? जानें बचत के नए रास्ते














