West Bengal Politics : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में बुधवार को एक विरोध मार्च के दौरान सियासी हलचल के साथ-साथ एक विवादित घटना भी सामने आई। टीएमसी की ओर से आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी की प्रमुख ममता बनर्जी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता को थप्पड़ मारते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि भीड़ के बीच से रास्ता बनाने की कोशिश कर रहा एक कार्यकर्ता जब उनके करीब आया, तो ममता बनर्जी ने अचानक आपा खो दिया और उसे थप्पड़ जड़ दिया। इस घटना ने एक तरफ जहां राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है, वहीं दूसरी ओर टीएमसी के भीतर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

बीजेपी सांसद राजू बिस्टा ने वीडियो शेयर कर साधा निशाना
इस घटना का वीडियो बीजेपी सांसद राजू बिस्टा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ पर साझा किया है। वीडियो पोस्ट करते हुए बिस्टा ने ममता बनर्जी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने लिखा, “ममता बनर्जी ने विरोध प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति को थप्पड़ मारा। वह व्यक्ति सिर्फ भीड़ को नियंत्रित करने और उनके लिए रास्ता बनाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ममता ने अपना संयम खो दिया और उसे सबके सामने थप्पड़ मार दिया।” बीजेपी नेता के इस हमले ने टीएमसी की आंतरिक स्थिति को लेकर विपक्ष को एक और मौका दे दिया है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।

बारुईपुर दुष्कर्म मामले पर टीएमसी का विरोध प्रदर्शन
यह विरोध मार्च बारुईपुर में 11 वर्षीय एक बच्ची के साथ हुई दुष्कर्म और हत्या की दर्दनाक घटना के विरोध में निकाला गया था। इस कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उच्च न्यायालय से रैली की इजाज़त मिलने के बावजूद पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी सही से नहीं निभाई और बीजेपी के प्रभाव में काम किया। ममता ने आरोप लगाया कि बीजेपी समर्थकों ने जानबूझकर उनकी रैली को बाधित करने की कोशिश की और कई स्थानों पर टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर ममता का कड़ा प्रहार
रैली के समापन पर हाजरा क्रॉसिंग के पास एक सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद भी पुलिस ने रैली को सुरक्षा प्रदान करने के बजाय उसे नाकाम करने की कोशिश की।” उन्होंने सवाल किया कि पुलिस अदालत के आदेशों की अनदेखी कैसे कर सकती है? रैली के दौरान बीजेपी और टीएमसी युवा विंग के समर्थकों के बीच जमकर झड़प हुई। स्थिति इतनी अनियंत्रित हो गई थी कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा। ममता बनर्जी ने पुलिस पर आम लोगों की सुरक्षा के बजाय राजनीतिक एजेंडे पर काम करने का आरोप लगाया है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
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