BharatFS AI System : महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए ‘भारत फोरकास्ट सिस्टम’ (BharatFS AI) को अपनाया है। यह पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित सिस्टम है, जो आने वाले मौसम और भारी बारिश की सटीक जानकारी 24 घंटे पहले देने में सक्षम है। इस सिस्टम की कार्यकुशलता का प्रमाण हाल ही में नासिक में देखने को मिला, जहाँ बादल फटने (Cloud Burst) की संभावना का पूर्वानुमान एक दिन पहले ही मिल गया था। इस समय पर मिली चेतावनी के कारण प्रशासन ने जनता को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया, जिससे एक बड़ी तबाही टल गई। अब देश के अन्य राज्य भी इस तकनीक को अपनाने पर विचार कर रहे हैं।

सुपर कम्प्यूटर्स और AI का अद्भुत तालमेल
BharatFS AI सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सटीकता है। इसे देश के दो अत्यंत शक्तिशाली सुपर कम्प्यूटर्स—पुणे स्थित ‘Arka-IITM’ और नोएडा स्थित ‘अरुणिका’ (NCMRWF)—की मदद से संचालित किया जाता है। यही कारण है कि यह सिस्टम रियल-टाइम में मौसम के बदलते मिजाज को लगातार अपडेट करता रहता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शक्ति से लैस होने के कारण, यह बहुत कम भौगोलिक दायरे में भी मौसम के सटीक बदलावों को भांप सकता है। यह तकनीक पारंपरिक मौसम पूर्वानुमान प्रणालियों की तुलना में कहीं अधिक सूक्ष्म और सटीक परिणाम प्रदान करती है।

6 किलोमीटर के दायरे में मौसम की हर हलचल पर नजर
आईआईटी-एम (IITM) पुणे द्वारा विकसित इस सिस्टम में ‘एआई-बेस्ड डिसीजन सपोर्ट सिस्टम’ का उपयोग किया गया है। यह तकनीक केवल 6 किलोमीटर के छोटे से दायरे में होने वाले मौसम के बदलावों को भी बारीकी से समझ सकती है। इसकी क्षमता इतनी प्रभावी है कि यह क्लाउड ब्रस्ट, अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Flood) और लैंडस्लाइड जैसी प्राकृतिक आपदाओं का पूर्वानुमान लगाने में सक्षम है। यदि ऐसी तकनीक पहले से उपलब्ध होती, तो केरल के वायनाड जैसे क्षेत्रों में हुई भयंकर लैंडस्लाइड त्रासदी की गंभीरता को कम किया जा सकता था या समय रहते लोगों को सुरक्षित निकाला जा सकता था।

आपदा प्रबंधन में गेम-चेंजर साबित हो रहा सिस्टम
महाराष्ट्र सरकार ने मई 2026 में इस तकनीक को अपने राज्य आपदा प्रबंधन तंत्र का हिस्सा बनाया था। जुलाई में हुई भीषण बारिश के दौरान इस सिस्टम ने अपनी उपयोगिता सिद्ध कर दी है। नासिक में प्रशासन को मिली 24 घंटे पहले की चेतावनी ने यह दिखा दिया कि तकनीक के सही उपयोग से जान-माल का नुकसान कम किया जा सकता है। यह सिस्टम अब आपदा विभाग के लिए एक ‘गेम-चेंजर’ साबित हो रहा है, क्योंकि यह प्रशासन को आपदा आने से पहले ही तैयारी करने और लोगों को अलर्ट करने के लिए पर्याप्त समय देता है।
पूरे देश के लिए एक अनिवार्य तकनीक
BharatFS AI की बढ़ती सफलता को देखते हुए केंद्र सरकार और अन्य राज्य भी इसे लागू करने की संभावना तलाश रहे हैं। भारत जैसे भौगोलिक विविधताओं वाले देश में, जहाँ मानसून के दौरान भारी बारिश और आपदाएं आम हैं, ऐसी तकनीक का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। यह सिस्टम न केवल प्रशासनिक तैयारी के लिए बेहतर है, बल्कि यह आम नागरिकों के जीवन को सुरक्षित रखने में भी एक ढाल की तरह काम करेगा। भविष्य में, यह पूरे भारत के मौसम पूर्वानुमान नेटवर्क को आधुनिक और हाई-टेक बनाने में एक बड़ी भूमिका निभाएगा।
Read more : Truecaller Update : TRAI का Truecaller को बड़ा आदेश, सरकारी और आधिकारिक कॉल्स से हटाना होगा स्पैम लेबल











