Manipur Violence: मणिपुर के तामेंगलांग जिले में मंगलवार को हिंसा की एक और घटना सामने आने से तनाव बढ़ गया। अधिकारियों के अनुसार, लेइसांगफाई इलाके में दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद क्षेत्र में बने कुछ फार्महाउसों को भी आग के हवाले किए जाने की सूचना है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।

लकड़ी लेने खेत गई थीं दोनों महिलाएं
जानकारी के मुताबिक, दोनों महिलाएं एक सुनसान खेत की ओर लकड़ी इकट्ठा करने गई थीं। इसी दौरान हथियारबंद लोगों ने कथित तौर पर उन पर गोली चला दी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना मंगलवार दोपहर करीब 3 से 3:30 बजे के आसपास हुई। दोनों महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल से उनके शव बरामद किए गए, जिन पर गोली लगने के निशान पाए गए।

मृतकों की पहचान को लेकर अलग-अलग जानकारी
कुकी-जो संगठनों और स्थानीय सूत्रों ने मृत महिलाओं की पहचान फलनैचोंग उर्फ चोंगा सिटल्हू और किमजलहिंग उर्फ किमनियो सिंगसोन के रूप में बताई है। उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी उम्र को लेकर भी अलग-अलग जानकारी सामने आई है। एक रिपोर्ट के अनुसार सिटल्हू बुजुर्ग महिला थीं, जबकि सिंगसोन ने हाल ही में नर्सिंग का प्रशिक्षण पूरा किया था और खेती में परिवार की मदद कर रही थीं।
कई फार्महाउसों में आग लगाने की सूचना
हमले के बाद इलाके में बने कई कच्चे फार्महाउसों को आग लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों ने कुछ अन्य ग्रामीणों के संपर्क में नहीं होने की बात कही है, हालांकि उनके लापता होने की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। इस ताजा घटना के बाद आसपास के इलाकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
दो दिन पहले चार लोगों की हुई थी हत्या
यह घटना 13 सितंबर को तामेंगलांग और पड़ोसी नोनी जिले में हुई हिंसा के महज दो दिन बाद सामने आई है। उस दिन दो अलग-अलग घटनाओं में चार कुकी-जो नागरिकों की मौत हुई थी। तामेंगलांग के टोलन गांव में एक महिला की गोली लगने से मौत हुई थी, जबकि उसके पति ने बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनका बच्चा भी गोली लगने से घायल हुआ था।

नोनी जिले के लॉन्गपी गांव में भी हमला
13 सितंबर को ही नोनी जिले के लॉन्गपी गांव में एक महिला और एक पुरुष की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। स्थानीय संगठनों ने इन घटनाओं में संदिग्ध सशस्त्र समूहों की भूमिका का आरोप लगाया है, लेकिन पुलिस जांच के दौरान जिम्मेदारी को लेकर अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने हमलों के पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
कुकी संगठनों ने सरकार से कार्रवाई की मांग की
ताजा हमले के बाद कुकी-जो संगठनों ने घटनाओं की निंदा करते हुए केंद्र और राज्य सरकार से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। कुकी-जो काउंसिल ने कहा है कि बार-बार हो रही हिंसा को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन ने मृतकों के शवों को लेकर भी विरोध का निर्णय घोषित किया है।
मणिपुर में जारी संघर्ष से बढ़ी चिंता
मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा का लंबा दौर चला है। हालिया घटनाओं ने सुरक्षा और शांति प्रक्रिया को लेकर फिर चिंता बढ़ा दी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस संघर्ष में अब तक 300 से अधिक लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं। 13 सितंबर और 15 सितंबर की घटनाओं ने प्रभावित क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस जांच के बीच इलाके में बढ़ी सुरक्षा चिंता
तामेंगलांग की ताजा घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों के सामने हमलावरों की पहचान करने, घटना के कारणों का पता लगाने और प्रभावित ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और किसी भी संगठन की ओर से हमले की आधिकारिक जिम्मेदारी स्वीकार किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।


