Normal Heart Rate : हमारे शरीर में हार्ट सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह लगातार पूरे शरीर में खून और ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। दिल की धड़कन यानी हार्ट रेट में बदलाव कई बार शरीर में चल रही किसी स्थिति का संकेत हो सकता है। हार्ट रेट बहुत तेज या असामान्य रूप से धीमा होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अच्छी बात यह है कि सामान्य स्थिति में अपने हार्ट रेट की जांच करने के लिए हर बार अस्पताल या क्लिनिक जाने की जरूरत नहीं होती। साओल हार्ट सेंटर के संस्थापक और एमबीबीएस, एमडी डॉ. बिमल छाजेर ने अपने यूट्यूब वीडियो में घर पर पल्स चेक करने का आसान तरीका बताया है।
आराम की स्थिति में कितना होना चाहिए हार्ट रेट
एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति में आराम की स्थिति में सामान्य हार्ट रेट आमतौर पर 60 से 80 बीट्स प्रति मिनट यानी BPM के बीच बताया जाता है। हालांकि, नियमित रूप से एक्सरसाइज करने वाले या अधिक फिट लोगों में यह दर 40 से 60 BPM तक भी हो सकती है। ऐसे मामलों में कम हार्ट रेट हमेशा किसी बीमारी का संकेत नहीं होता। डॉक्टर बिमल छाजेर के अनुसार, सामान्य व्यक्ति में रेस्टिंग हार्ट रेट 60 से 80 BPM के आसपास रहना चाहिए।
कलाई से घर बैठे ऐसे चेक करें पल्स
हार्ट रेट जांचने का सबसे आसान तरीका कलाई की पल्स महसूस करना है। इसके लिए उस जगह इंडेक्स और मिडिल फिंगर रखें, जहां आमतौर पर घड़ी पहनी जाती है। इसके बाद उंगलियों को अंगूठे की दिशा में करीब एक सेंटीमीटर खिसकाएं। वहां त्वचा के नीचे पल्स महसूस की जा सकती है। अब उंगलियों से हल्का दबाव डालते हुए धड़कनों को गिनें। बेहतर सटीकता के लिए पूरे एक मिनट तक बीट्स गिनें।
60 से 80 बीट्स आएं तो क्या समझें
अगर आराम की स्थिति में एक मिनट के दौरान 60 से 80 धड़कन महसूस होती हैं, तो इसे सामान्य रेंज में माना जा सकता है। हालांकि, केवल एक बार हार्ट रेट नापकर अपने दिल की पूरी सेहत के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। अलग-अलग परिस्थितियों में हार्ट रेट बदल सकता है। इसलिए जरूरत पड़ने पर अलग समय पर इसे दोबारा जांचना उपयोगी हो सकता है।
एक्सरसाइज के बाद बढ़ सकता है पल्स रेट
वर्कआउट या किसी अन्य शारीरिक गतिविधि के तुरंत बाद पल्स रेट सामान्य से अधिक होना स्वाभाविक हो सकता है। एक्सरसाइज के दौरान शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है, इसलिए दिल तेजी से धड़कता है। इसी तरह तनाव, घबराहट, बुखार और बहुत ज्यादा कैफीन का सेवन भी कुछ समय के लिए हार्ट रेट बढ़ा सकता है। इसलिए ऐसी परिस्थितियों में बढ़ी हुई धड़कन को तुरंत बीमारी का संकेत नहीं माना जाना चाहिए।
आराम के बावजूद हार्ट रेट 100 से ऊपर हो तो सावधान
अगर व्यक्ति ने अभी एक्सरसाइज नहीं की है, वह तनाव में नहीं है, बुखार नहीं है और कैफीन का अत्यधिक सेवन भी नहीं किया है, फिर भी हार्ट रेट लगातार 100 BPM से ऊपर रहता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर हो सकता है। खासकर अगर तेज धड़कन के साथ चक्कर, सांस फूलना, सीने में दर्द या कमजोरी जैसे लक्षण भी मौजूद हों, तो चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।
हार्ट रेट के साथ दूसरे संकेतों पर भी दें ध्यान
हार्ट रेट सामान्य सीमा में होना अच्छी बात है, लेकिन इससे अकेले यह साबित नहीं होता कि दिल पूरी तरह स्वस्थ है। ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, वजन, शारीरिक सक्रियता और जीवनशैली भी हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। नियमित व्यायाम, संतुलित खान-पान, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित रखना दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। किसी भी असामान्य लक्षण या लगातार बदलते हार्ट रेट की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।
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