Marnus Labuschagne : ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के सीनियर बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन ने वनडे टीम से बाहर किए जाने के तुरंत बाद बल्ले से जोरदार जवाब दिया है। टीम इंडिया के आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले वनडे और टी20 टीमों की घोषणा हो चुकी है, जिसमें लाबुशेन को शामिल नहीं किया गया। उनकी हालिया खराब फॉर्म को देखते हुए चयनकर्ताओं ने यह फैसला लिया, लेकिन वन डे कप 2025 के सातवें मुकाबले में उन्होंने शानदार शतक लगाकर एक बार फिर खुद को साबित किया।

लाबुशेन का शतक, लेकिन टीम को हार
9 अक्टूबर 2025 को ब्रिस्बेन में खेले गए इस मुकाबले में क्वींसलैंड का सामना तस्मानिया से हुआ। मैच में क्वींसलैंड की कप्तानी कर रहे मार्नस लाबुशेन ने टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 91 गेंदों में 105 रन की बेहतरीन पारी खेली। उन्होंने 115.38 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 8 चौके और 2 छक्के लगाए। यह शतक ऐसे समय आया है जब उनके चयन को लेकर सवाल उठ रहे थे।

हालांकि, लाबुशेन की इस शानदार पारी के बावजूद उनकी टीम को जीत नहीं मिल सकी। क्वींसलैंड की पूरी टीम 45.3 ओवर में 311 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।
जैक क्लेटन और अन्य बल्लेबाजों का योगदान
लाबुशेन के अलावा जैक क्लेटन ने ओपनिंग करते हुए 64 रन, मैट रेनशॉ और लाचलान हर्न ने 38-38 रन का योगदान दिया। इन पारियों की बदौलत क्वींसलैंड ने बड़ा स्कोर खड़ा किया, लेकिन गेंदबाज लक्ष्य का बचाव नहीं कर सके।
तस्मानिया की जोरदार वापसी
312 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी तस्मानिया की टीम ने 48.2 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए टिम वार्ड ने लाबुशेन के शतक का जवाब शतक से ही दिया। उन्होंने 96 गेंदों में 105 रन बनाए और टीम की जीत की नींव रखी।
उनके अलावा कप्तान जॉर्डन सिल्क ने 61 गेंदों में नाबाद 85 रन, जबकि कालेब ज्वेल ने 76 गेंदों में 79 रन बनाकर मैच को एकतरफा बना दिया। शानदार पारी खेलने के लिए टिम वार्ड को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
क्या दोबारा टीम में लौटेंगे लाबुशेन?
मार्नस लाबुशेन का यह शतक ऐसे समय आया है जब उन्हें ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम में जगह नहीं दी गई है। आगामी भारत दौरे में जब ऑस्ट्रेलिया को तीन वनडे और पांच टी20 मैच खेलने हैं, तब लाबुशेन जैसे अनुभवी खिलाड़ी को नजरअंदाज करना चयनकर्ताओं के फैसले पर सवाल खड़े करता है।
इस प्रदर्शन के बाद यह साफ है कि लाबुशेन अभी खत्म नहीं हुए हैं। आने वाले दिनों में अगर वह लगातार रन बनाते रहे, तो उन्हें दोबारा राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने से कोई नहीं रोक सकता।










