Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गया है। नंगरहार और कुनार प्रांतों में रविवार तड़के आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, अब तक 250 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 500लोग घायल हैं। भूकंप से दर्जनों घर धराशायी हो गए हैं और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

रिक्टर स्केल पर 6.3 तीव्रता का भूकंप
भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.3 मापी गई। इसका केंद्र अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में, नंगरहार और कुनार के बीच स्थित पर्वतीय क्षेत्र में बताया जा रहा है। स्थानीय समयानुसार सुबह 5:10 बजे आए इस भूकंप के झटके अफगानिस्तान के अलावा पाकिस्तान और भारत के उत्तर-पश्चिमी इलाकों तक महसूस किए गए।

कई गांवों का संपर्क टूटा
भूकंप के कारण कई गांवों का मुख्य शहरों से संपर्क टूट गया है। कई स्थानों पर सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे राहत और बचाव कार्य में बड़ी बाधाएं आ रही हैं। नंगरहार और कुनार में मलबे के नीचे फंसे लोगों को निकालने के लिए स्थानीय प्रशासन, सेना और स्वयंसेवी संगठन युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं।
मृतकों में महिलाएं और बच्चे शामिल
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि अब तक मृत पाए गए लोगों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। घायलों को सीमित संसाधनों के बीच स्थानीय अस्पतालों और अस्थायी कैंपों में इलाज मुहैया कराया जा रहा है। दवाइयों, डॉक्टरों और एम्बुलेंस की भारी कमी के चलते चिकित्सा सेवाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र और पड़ोसी देशों से मदद की अपील
तालिबान सरकार ने संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और पड़ोसी देशों से तत्काल मानवीय सहायता की अपील की है। पाकिस्तान और ईरान ने अफगानिस्तान को आपात राहत सामग्री भेजने की घोषणा की है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र की टीमें भी क्षेत्र का जायजा लेने और ज़रूरी सहायता पहुंचाने की तैयारी कर रही हैं।
भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर स्थापित
प्रशासन द्वारा भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी राहत शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां लोगों को भोजन, पानी और प्राथमिक चिकित्सा दी जा रही है। हालांकि खराब संचार और परिवहन व्यवस्था के चलते राहत कार्यों में काफी चुनौतियां आ रही हैं।
अफगानिस्तान में आया यह भूकंप पिछले कुछ वर्षों में आई प्राकृतिक आपदाओं में सबसे भयावह है। देश पहले ही आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है, ऐसे में यह आपदा मानवीय संकट को और गहरा कर रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत और प्रभावी सहायता की जरूरत है ताकि और अधिक जानें न जाएं और प्रभावितों को समय पर राहत मिल सके।










