Jammu Kashmir landslide: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के माहौर इलाके में गुरुवार सुबह भीषण लैंडस्लाइड हुआ, जिसमें अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। भारी बारिश के कारण आई इस भूस्खलन में कई घर मलबे और पानी में बह गए हैं, वहीं कई लोग मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सेना के जवान तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए हैं।

घटना का विवरण
माहौर क्षेत्र में अचानक आई तेज बारिश के बाद पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और मिट्टी नीचे गिर गई, जिससे कई मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इस लैंडस्लाइड के चलते स्थानीय लोगों के घर बह गए और कई निवासी मलबे में दब गए। शुरुआती रेस्क्यू ऑपरेशन में 7 शव बरामद किए गए हैं, जबकि कई अन्य लोगों की तलाश जारी है।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
पुलिस, सेना और स्थानीय बचाव दल मिलकर लैंडस्लाइड प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। मलबे के नीचे फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू टीम ने कड़ी मेहनत शुरू कर दी है। वहीं भारी बारिश और ऊंचाई पर मलबे के चलते बचाव कार्य में कठिनाई आ रही है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की है।
प्रभावित क्षेत्र और नुकसान
माहौर इलाके में कई घर ध्वस्त हो चुके हैं और सड़कों पर मलबा जमा हो गया है, जिससे आवागमन बाधित हो गया है। स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसके कारण राहत कार्यों को और चुनौती मिल रही है। प्रशासन ने राहत सामग्री और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे और लैंडस्लाइड की आशंका बनी हुई है। इसलिए स्थानीय प्रशासन सतर्क है और प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम कर रहा है।
प्रशासन की कार्रवाई
रियासी जिला प्रशासन ने आपात स्थिति घोषित कर दी है और राज्य सरकार से अतिरिक्त सहायता मांगी है। सेना के जवान, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और स्थानीय पुलिस लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं। साथ ही, प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविरों की व्यवस्था की है।
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में आए इस लैंडस्लाइड ने भारी जनहानि और संपत्ति क्षति की है। मौजूदा समय में सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाना और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाना है। सरकार और बचाव दल इस त्रासदी से उबरने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
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