Mathura News : भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी को लेकर मथुरा और वृंदावन में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। कान्हा की नगरी में इस बार देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन के अनुमान के मुताबिक जन्माष्टमी के दौरान ब्रज धाम में 50 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित दर्शन कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक एवं सुरक्षा प्लान तैयार किया है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हाईटेक व्यवस्था तैयार
जन्माष्टमी पर आने वाले श्रद्धालुओं को पार्किंग और रास्तों की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए प्रशासन डिजिटल तकनीक का सहारा ले रहा है। पुलिस और प्रशासन की ओर से विशेष QR कोड और मोबाइल ऐप की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु QR कोड स्कैन करके अपने आसपास मौजूद स्थायी और अस्थायी पार्किंग की जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके साथ ही दर्शन के समय, रूट डायवर्जन और नो-एंट्री जोन की डिजिटल लोकेशन भी उपलब्ध कराई जाएगी।
125 से ज्यादा बैरियर लगाकर होगी निगरानी
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मथुरा और वृंदावन के प्रमुख प्रवेश मार्गों तथा संवेदनशील स्थानों पर 125 से ज्यादा बैरियर लगाए जा रहे हैं। मसानी चौराहा, सोसैया, भूतेश्वर तिराहा और छटीकरा जैसे प्रमुख डायवर्जन प्वाइंट पर पुलिसकर्मियों की लगातार तैनाती रहेगी। इन स्थानों से वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा, ताकि मंदिर क्षेत्रों में भीड़ और जाम की स्थिति न बने।
भारी वाहनों की शहर में नो-एंट्री
जन्माष्टमी के दौरान मथुरा और वृंदावन के भीतर कॉमर्शियल वाहनों तथा भारी वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी। ऐसे वाहनों के लिए प्रशासन ने बाहरी हाईवे से होकर गुजरने वाले वैकल्पिक रूट निर्धारित किए हैं। इसका उद्देश्य शहर के अंदरूनी हिस्सों को अनावश्यक यातायात के दबाव से मुक्त रखना है। भीड़ बढ़ने की स्थिति में ऑटो, ई-रिक्शा और निजी चार पहिया वाहनों को भी बाहरी क्षेत्रों में बनाए गए पार्किंग स्थलों पर रोक दिया जाएगा।
मंदिरों के आसपास वाहनों की आवाजाही नियंत्रित
प्रशासन का मुख्य लक्ष्य श्री कृष्ण जन्मभूमि, बांके बिहारी मंदिर और द्वारकाधीश मंदिर समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास वाहनों की भीड़ को रोकना है। श्रद्धालुओं से अपील की जाएगी कि वे अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़े करें और इसके बाद पैदल या प्रशासन द्वारा स्वीकृत परिवहन साधनों से मंदिरों तक पहुंचें। इससे मंदिरों के आसपास जाम और अव्यवस्था को कम करने में मदद मिलेगी।
अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग
एनएच-19, यमुना एक्सप्रेसवे, गोवर्धन, गोकुल और दिल्ली-एनसीआर की ओर से मथुरा पहुंचने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग दिशाओं में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए स्थायी पार्किंग के साथ कई अस्थायी पार्किंग स्थल भी तैयार किए हैं। इन पार्किंग क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए रूट डायवर्जन की जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
जाम और हादसे रोकना प्रशासन की प्राथमिकता
जन्माष्टमी के दौरान भारी भीड़ के कारण सड़क दुर्घटना और यातायात जाम की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। प्रमुख चौराहों और डायवर्जन प्वाइंट पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को लंबी जाम की स्थिति का सामना न करना पड़े और वे सुरक्षित तरीके से अपने गंतव्य तथा मंदिरों तक पहुंच सकें।
श्रद्धालुओं से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील
प्रशासन ने जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें। भीड़ के दौरान वैकल्पिक मार्गों और डायवर्जन का पालन करना जरूरी होगा। प्रशासन को उम्मीद है कि डिजिटल सुविधाओं, सख्त ट्रैफिक प्लान और पर्याप्त पुलिस बल की मदद से जन्माष्टमी के दौरान ब्रज धाम में यातायात व्यवस्था सुचारू और सुरक्षित बनी रहेगी।
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