Weather Alert 2026
Weather Alert 2026 : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज, 11 मई 2026 को देश के एक बड़े हिस्से में मौसम के बेहद आक्रामक रहने की भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और मध्य भारत के करीब 15 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और भीषण तूफान का कहर देखने को मिल सकता है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 75 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँचने की आशंका है, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
वर्तमान में देश के विभिन्न हिस्सों में कई चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulations) सक्रिय हैं। उत्तर-पूर्वी बिहार से लेकर झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ होते हुए तटीय आंध्र प्रदेश तक एक चक्रवातीय तंत्र बना हुआ है। इसके साथ ही, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान से लेकर पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों तक निचले क्षोभमंडल में एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण नमी का स्तर बढ़ गया है, जिससे पूर्वी भारत में ओलावृष्टि, बिजली गिरने और वज्रपात की प्रबल संभावना बनी हुई है।
देश की राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों (NCR) में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग ने 11 मई को दिल्ली में तेज आंधी और बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। दिन के समय धूल भरी हवाएं चल सकती हैं जिनकी गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। तापमान की बात करें तो आज अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जिससे उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में आज से अगले दो दिनों (11-13 मई) तक मौसम विभाग ने भारी तबाही की चेतावनी दी है। विशेष रूप से पश्चिमी और पूर्वी यूपी के जिलों जैसे मथुरा, आगरा, सहारनपुर, गाजियाबाद, कानपुर और प्रयागराज में तेज आंधी के साथ भारी बारिश हो सकती है। राजधानी लखनऊ में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और तापमान 36 डिग्री से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। गोरखपुर और देवरिया जैसे तराई क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।
बिहार में चक्रवातीय परिसंचरण के सीधे प्रभाव के कारण आज भारी वर्षा और तूफान का तांडव देखने को मिल सकता है। पटना, गया, मुजफ्फरपुर और दरभंगा समेत उत्तर बिहार के जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। सीमावर्ती जिलों जैसे किशनगंज, अररिया और पूर्णिया में अतिवृष्टि की संभावना है। पटना में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। प्रशासन ने किसानों को खुले खेतों में न जाने की सलाह दी है क्योंकि आकाशीय बिजली गिरने का खतरा अधिक है।
झारखंड के रांची, जमशेदपुर और बोकारो जैसे प्रमुख शहरों में आज प्रकृति का रौद्र रूप दिख सकता है। यहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुँचा सकती हैं। रांची में तापमान काफी सुखद रहेगा, जहां अधिकतम पारा 32 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। लोहरदगा और पलामू जैसे क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।
पहाड़ी राज्यों में जाने वाले पर्यटकों के लिए आज का दिन जोखिम भरा हो सकता है। उत्तराखंड के नैनीताल, अल्मोड़ा और चमोली में भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के मनाली और शिमला में कड़ाके की ठंड के साथ तेज आंधी चलने की संभावना है। मनाली में अधिकतम तापमान गिरकर 12 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान महज 3 डिग्री सेल्सियस रहेगा। ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी की भी संभावना है।
पंजाब के अमृतसर, लुधियाना और जालंधर जैसे औद्योगिक शहरों में आज मौसम विभाग ने मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी है। यहां 50-55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। यह समय फसलों की कटाई के बाद का है, ऐसे में किसानों को सुरक्षित स्थानों पर अनाज रखने की सलाह दी गई है।
राजस्थान के जयपुर और बीकानेर संभाग में 11 और 12 मई को आंधी-बारिश का दौर चलेगा। जयपुर में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। मध्य प्रदेश में भी भोपाल और इंदौर समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी है। भोपाल में पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, लेकिन शाम तक गरज-चमक के साथ होने वाली बौछारें राहत प्रदान करेंगी।
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
| दिल्ली | 36 | 27 |
| मुंबई | 34 | 30 |
| लखनऊ | 36 | 26 |
| पटना | 35 | 26 |
| रांची | 32 | 23 |
| भोपाल | 40 | 27 |
| जयपुर | 39 | 28 |
| शिमला | 24 | 16 |
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर से लेकर जम्मू तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। उधमपुर और बारामूला में 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाली हवाएं लैंडस्लाइड का कारण बन सकती हैं। कश्मीर घाटी में जाने वाले लोगों को मौसम के अपडेट्स देखकर ही यात्रा शुरू करने की हिदायत दी गई है।
मौसम विभाग ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित इमारतों में ही रहें। कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। विशेष रूप से पूर्वी भारत के राज्यों में वज्रपात (Lightning) के समय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करने से बचें। आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
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