MCX Gold Crash : मंगलवार, 30 जून 2026 को भारतीय कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार की शुरुआत से ही दोनों कीमती धातुओं में सुस्ती देखी जा रही है और ये लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। सोने और चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। बाजार के जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर संकेतों और घरेलू बाजार में मुनाफे की बुकिंग के कारण धातुओं की कीमतों में यह फिसलन देखने को मिल रही है।

सोना हुआ सस्ता: 1.40 लाख के स्तर के करीब
मंगलवार सुबह लगभग 09:28 बजे, 5 अगस्त की डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में 1,645 रुपये यानी 1.16 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के साथ सोना 1,40,757 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। आज सोने की शुरुआत भी कमजोरी के साथ 1,40,886 रुपये प्रति 10 ग्राम पर हुई थी, जबकि सोमवार को यह 1,42,402 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान सोने का भाव गिरकर 1,40,450 रुपये के इंट्राडे लो तक पहुँच गया था, जो निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत है। पिछले कुछ दिनों से जारी उठा-पटक के बीच सोना एक बार फिर 1.40 लाख रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास ट्रेड कर रहा है।

चांदी में भी बड़ी गिरावट: 2.20 लाख के नीचे का रुख
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त गिरावट का माहौल है। 4 सितंबर की डिलीवरी वाली चांदी की कीमत 2,132 रुपये यानी 0.96 प्रतिशत टूटकर 2,20,502 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी। आज चांदी ने 2387 रुपये की बड़ी गिरावट के साथ 2,20,247 रुपये प्रति किलोग्राम पर सत्र की शुरुआत की थी। सोमवार को चांदी 2,22,634 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। इंट्राडे के दौरान चांदी की कीमतें 2,21,277 रुपये के ऊपरी स्तर से लेकर 2,20,247 रुपये के निचले स्तर तक पहुंची। औद्योगिक मांग में कमी और वैश्विक दबाव के कारण चांदी की चमक आज फीकी पड़ती नजर आ रही है।
सर्राफा बाजार का रुख और हालिया ट्रेंड
अगर हम दिल्ली के सर्राफा बाजार के रुझानों पर गौर करें, तो स्थिति थोड़ी मिली-जुली रही है। सोमवार को सोने की कीमतों में 1,300 रुपये की बढ़त देखी गई थी और यह 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि चांदी की कीमतों में लगातार चौथे दिन गिरावट का सिलसिला जारी था और यह 2,24,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक आ गई थी। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के आंकड़ों के अनुसार, धातुओं की कीमतों में हो रहे ये उतार-चढ़ाव वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती के कारण हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सतर्कता बरतनी चाहिए और लंबी अवधि के निवेश के लिए बाजार के स्थिर होने का इंतजार करना चाहिए।
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