Weather Update: छत्तीसगढ़ में मौजूदा मौसम का हाल फिलहाल खासा सुहावना नहीं है। राज्य में अगले चार दिनों तक बारिश की संभावना कम रहने के कारण तेज धूप और उमस लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी रहेगी। साथ ही, मौसम विभाग ने 13 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं के चलते येलो अलर्ट जारी कर चेतावनी दी है।

छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अगले चार दिनों तक छत्तीसगढ़ में बारिश की सक्रियता में कमी रहेगी। हालांकि, तेज धूप और उमस के कारण तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। प्रदेश के कई हिस्सों में बीच-बीच में हल्की फुहारें या रिमझिम बारिश की संभावना बनी रहेगी।

पिछले 24 घंटों में सरगुजा, बिलासपुर और रायपुर संभाग के कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं बस्तर और बिलासपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई, जिसमें सरसींवा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 40 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
येलो अलर्ट जारी: 13 जिलों में खतरा
मौसम विभाग ने राज्य के उत्तरी और दक्षिणी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, सुकमा, गढ़चिरौली-पोंडीम (जीपीएम), कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, सरगुजा और जशपुर जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
इन जिलों के निवासियों को सलाह दी गई है कि वे तेज हवाओं और बिजली गिरने के दौरान सावधानी बरतें, अपने घरों की कमजोर जगहों की जांच करें और खुले स्थानों पर जाने से बचें। वहीं, मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है और वहां ज्यादा बारिश या तूफान की चेतावनी नहीं है।
नदियों-नालों में उफान, जलभराव की स्थिति
बलरामपुर जिले के रामानुजगंज इलाके में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने कन्हर नदी और आसपास के नालों का जलस्तर बढ़ा दिया है। निचली बस्तियों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
क्षेत्र के तालाब और बांध फिलहाल लबालब भरे हुए हैं। जल संसाधन विभाग की टीम बांधों और जलाशयों की निगरानी कर रही है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके।
बारिश का आंकड़ा: कहाँ सबसे ज्यादा और कहाँ सबसे कम?
प्रदेश में अब तक औसतन 1059.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इनमें से बलरामपुर जिले में सबसे ज्यादा 1464.6 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य औसत से लगभग 56% अधिक है। इसके कारण जिले में कई जगहों पर जलभराव और नदी-नालों का उफान देखा जा रहा है।
वहीं, बेमेतरा जिले में सबसे कम 491.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य औसत से करीब 50% कम है। बस्तर, राजनांदगांव और रायगढ़ जैसे जिलों में वर्षा सामान्य के करीब रही है।
सावधानी जरूरी
मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है। गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान बाहर जाने से बचें। कृषि क्षेत्र में काम करने वाले किसान और ग्रामीण भी मौसम की जानकारी पर नजर रखें और सतर्क रहें।विभाग ने यह भी सलाह दी है कि भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों को नदी-नाले के किनारे जाने से बचना चाहिए और अपने घरों और खेतों की सुरक्षा का पूरा इंतजाम करें।
छत्तीसगढ़ के लिए मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी कर मौसम को लेकर सतर्क रहने को कहा है। तेज धूप, उमस के साथ-साथ गरज-चमक और तेज हवाओं से बचाव के लिए हर संभव इंतजाम करना जरूरी है। बारिश कम होने से किसानों की फसलों और जल स्रोतों पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और जनता को साथ मिलकर सतर्क रहना होगा।










