Voter Adhikar Yatra : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन हाल ही में महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल हुए, जहाँ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मौजूद थे। इस यात्रा का उद्देश्य मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और लोकतंत्र की मजबूती को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर स्टालिन ने भाजपा और चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा।

एमके स्टालिन ने जताई लालू-करुणानिधि की दोस्ती की मिसाल
एमके स्टालिन ने कहा, “हमारे पूर्व मुख्यमंत्री और DMK नेता करुणानिधि जी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव जी बहुत अच्छे दोस्त थे। लालू यादव देश के सबसे प्रमुख और साहसी नेताओं में से एक हैं क्योंकि उन्होंने कभी बीजेपी से डर नहीं माना। उनके बेटे तेजस्वी यादव भी उसी जज़्बे और साहस के साथ राजनीति कर रहे हैं।” स्टालिन ने यह भी कहा कि इसी दोस्ती और साझा आदर्शों के चलते बिहार चुनाव में उनकी पार्टी को सफलता मिलेगी।

भाजपा की राजनीति पर कड़ा प्रहार
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने भाजपा पर विश्वासघात की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा अपनी हार को रोकने के लिए हर हथकंडा अपना रही है। उन्होंने कहा, “चुनाव से पहले आपकी जीत पक्की है, इसलिए वे इस जीत को रोकना चाहते हैं। अगर निष्पक्ष और सही मतदान हुआ, तो भाजपा हार जाएगी। इसलिए वे डरे हुए हैं।” स्टालिन ने भाजपा द्वारा चुनाव आयोग को कठपुतली बनाने का आरोप भी लगाया।
चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट विवाद
एमके स्टालिन ने बिहार में वोटर लिस्ट से 65 लाख लोगों के नाम हटाने की बात कही और इसे लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा, “वोटर लिस्ट से नाम हटाना आतंकवाद से भी ज्यादा खतरनाक है क्योंकि यह जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है।” स्टालिन ने इस कदम को लोकतंत्र के खिलाफ एक साजिश करार दिया जो मतदाताओं की भागीदारी को सीमित करती है।
राहुल गांधी की बहादुरी की प्रशंसा
स्टालिन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी खुले दिल से तारीफ की। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी जी के शब्दों और उनकी आंखों में कभी डर नहीं होता। वो केवल राजनीतिक मंच के लिए नहीं बोलते, बल्कि सच और न्याय के लिए हमेशा साहस दिखाते हैं।” यह बयान राहुल गांधी के नेतृत्व और उनके साहस को लेकर स्टालिन की स्पष्ट भावना को दर्शाता है।
‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान एमके स्टालिन ने भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए लोकतंत्र की रक्षा और मतदाता अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने बिहार में चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों को प्रमुखता से रखा और लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। आगामी बिहार चुनावों में इस गठबंधन की राजनीतिक लड़ाई और भी गरमाई हुई नजर आएगी।










