Chhattisgarh Manrega Darpan :छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण विकास और पारदर्शिता की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार, 23 सितंबर को धमतरी जिले के करेली बड़ी गांव में ‘राज्य स्तरीय महतारी सदन’ लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान ‘मनरेगा दर्पण’ नागरिक सूचना पटल का शुभारंभ किया। इस अभिनव पहल का उद्देश्य मनरेगा के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों में पारदर्शिता लाना, जनता को सूचनाओं तक सीधी पहुंच देना और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाना है।

क्या है ‘मनरेगा दर्पण’?
‘मनरेगा दर्पण’ एक डिजिटल नागरिक सूचना प्रणाली है, जिसे QR कोड और GIS तकनीक से लैस किया गया है। इस प्रणाली के तहत छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों में सूचना पटल लगाए गए हैं, जिन पर क्यूआर कोड प्रदर्शित किए गए हैं। कोई भी ग्रामीण इन कोड्स को अपने स्मार्टफोन से स्कैन कर मनरेगा के तहत पिछले तीन वर्षों में किए गए कार्यों का पूरा विवरण प्राप्त कर सकता है।इसमें कार्यों की स्वीकृति की तिथि, कितनी राशि खर्च हुई, प्रगति रिपोर्ट, और मौजूदा स्थिति जैसी जानकारियां शामिल हैं।

डिजिटल ट्रांसपेरेंसी की दिशा में ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पहल पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा:”‘मनरेगा दर्पण’ छत्तीसगढ़ सरकार की एक अभिनव और साहसिक पहल है, जो हर ग्रामीण को योजनाओं से जोड़ने और डिजिटल सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करती है। अब हर ग्रामीण जान सकेगा कि उसके गांव में क्या काम हो रहा है, कब हुआ और कितना पैसा खर्च हुआ।”
मोबाइल पर मिलेगी हर जानकारी
अब ग्रामीणों को किसी सरकारी कार्यालय, अफसर या RTI का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। ‘मनरेगा दर्पण’ के माध्यम से सारी सूचनाएं मोबाइल स्क्रीन पर कुछ सेकंड में उपलब्ध होंगी।
इस प्रणाली के प्रमुख लाभ:
जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित
ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित
सरकारी योजनाओं की समीक्षा और निगरानी में सुविधा
भ्रष्टाचार और भ्रांतियों पर अंकुश
फिजिकल फाइलों की अनिवार्यता समाप्त
जनता बनेगी निगरानीकर्ता
‘मनरेगा दर्पण’ से अब ग्रामीणों को सिर्फ जानकारी नहीं, बल्कि निगरानी और सुझाव देने की शक्ति भी प्राप्त होगी। पंचायत स्तर पर इन सूचनाओं को नियमित रूप से अपडेट किया जाएगा, जिससे हर योजना का ताजा हाल उपलब्ध रहेगा।
इससे ग्रामीण अपने स्तर पर काम की गुणवत्ता, समयबद्धता और बजट खर्च जैसे पहलुओं की निगरानी कर सकेंगे। इससे न केवल विकास योजनाओं में पारदर्शिता आएगी, बल्कि ग्रामीणों का सरकार पर विश्वास और भी मजबूत होगा।
तकनीकी सशक्तिकरण से सुशासन
छत्तीसगढ़ सरकार ने QR कोड और GIS आधारित सूचना प्रणाली को अपनाकर गांवों में तकनीकी सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश की है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा मिलेगा और योजनाओं की जानकारी रखने की संस्कृति विकसित होगी।
‘मनरेगा दर्पण’ न केवल एक डिजिटल नवाचार है, बल्कि यह ग्रामीण भारत में सुशासन और नागरिक अधिकारों के विस्तार की दिशा में एक प्रभावी प्रयास है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल बन सकती है। अब हर ग्रामीण को यह जानने का अधिकार है कि उसके गांव का विकास कितना, कब और कैसे हुआ।










