Modi Trump tariffs: अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ के विरोध में भारत ने बड़ा कदम उठाया है। 7 अगस्त को प्रभावी हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एडिशनल 25 फीसदी टैरिफ के बाद भारत ने अमेरिकी कंपनी बोइंग से करीब 31,500 करोड़ रुपये की नौसेना विमान खरीद डील रद्द कर दी है। यह डील जुलाई 2025 में हुई थी और जल्द ही फाइनल होने वाली थी, लेकिन अमेरिका के टैरिफ बढ़ाने के फैसले के बाद भारत ने इसे वापस ले लिया।

बोइंग डील की पूरी जानकारी
भारतीय नौसेना ने अमेरिका से P-8I समुद्री विमान खरीदने के लिए बोइंग के साथ यह बड़ा समझौता किया था। ये विमान अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं और लगभग 350 किलोमीटर तक की मारक क्षमता रखते हैं। इन विमानों के भारत को मिलने से समुद्री सुरक्षा में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होने वाली थी। लेकिन अमेरिकी टैरिफ नीति के चलते यह डील रद्द करनी पड़ी।

अमेरिका ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया है, जिसमें 7 अगस्त से 25% टैरिफ लागू हुआ और 27 अगस्त से अतिरिक्त 25% टैरिफ लागू किया जाएगा। यह बढ़ा हुआ टैरिफ भारत से अमेरिका निर्यात को महंगा कर देगा, जिससे दोनों देशों के बीच रक्षा और अन्य क्षेत्रों में व्यापार प्रभावित हुआ है।
फ्रांस से संभावित नई डील
अमेरिका से डील रद्द करने के बाद भारत अब फ्रांस की ओर रुख कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार भारत ने F-35 स्टील्थ फाइटर जेट खरीदने से इनकार कर दिया है और इसके स्थान पर फ्रांस के डसॉल्ट राफेल फाइटर जेट को प्राथमिकता दी जा रही है। डसॉल्ट राफेल जेट भारत के लिए एक बेहतरीन विकल्प माना जा रहा है, जो उच्च तकनीक और विश्वसनीयता के साथ उपलब्ध हैं।
यह कदम भारत की रणनीतिक जरूरतों के साथ-साथ टैरिफ के राजनीतिक और आर्थिक प्रभावों का परिणाम भी है। अमेरिका से उच्च टैरिफ के कारण भारतीय रक्षा क्षेत्र में विकल्प तलाशना अनिवार्य हो गया है।
टैरिफ विवाद और इसके प्रभाव
टैरिफ वृद्धि के बाद भारत ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और रक्षा जरूरतों को लेकर अमेरिका की नीतियों के प्रति सशक्त प्रतिक्रिया देगा। यह फैसला रक्षा क्षेत्र में भारत की स्वावलंबन और विविध विकल्प तलाशने की नीति के अनुरूप भी माना जा रहा है।
इस टैरिफ विवाद का असर सिर्फ रक्षा खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे भारत-अमेरिका के व्यापारिक रिश्ते भी प्रभावित हो सकते हैं। भारत ने साफ किया है कि वह अपने उद्योगों और निर्यातकों के हितों की रक्षा करेगा और जरूरत पड़ी तो वैकल्पिक साझेदारों की खोज करेगा।
टैरिफ पर डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने अमेरिकी बोइंग कंपनी से 31,500 करोड़ रुपये की बड़ी नौसेना विमान खरीद डील रद्द करके सशक्त राजनीतिक और आर्थिक संदेश दिया है। अमेरिका से रक्षा खरीद के विकल्प तलाशते हुए भारत अब फ्रांस की ओर बढ़ रहा है। यह निर्णय भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक हितों और रणनीतिक स्वायत्तता को दर्शाता है।










