Monsoon UTI Prevention: मानसून का आगमन चिलचिलाती गर्मी से तो राहत लाता है, लेकिन यह मौसम अपने साथ स्वास्थ्य से जुड़ी कई चुनौतियां भी लेकर आता है। इस दौरान वातावरण में नमी (Humidity) का स्तर बढ़ जाता है और अत्यधिक पसीने के कारण स्वच्छता बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। यही स्थितियां बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल होती हैं, जिससे यूरिन इन्फेक्शन (UTI) होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। फोर्टिस हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजी विभाग के डायरेक्टर और यूनिट हेड, डॉ. योगेश कुमार छाबड़ा के अनुसार, यदि इस संक्रमण का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह किडनी तक पहुँचकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। इसलिए, किडनी की सुरक्षा और संक्रमण से बचाव के लिए मानसून में विशेष सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है।

यूरिन इन्फेक्शन से बचने के लिए महत्वपूर्ण सावधानियां
डॉ. छाबड़ा ने इन्फेक्शन को रोकने के लिए कुछ प्रभावी उपाय बताए हैं। सबसे पहले, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। दिन भर पानी पीते रहने से यूरिनरी ट्रैक्ट में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं। दूसरा, मानसून के दौरान नमी के कारण कपड़ों में फंगल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने की संभावना रहती है, इसलिए गीले या पसीने से भीगे हुए कपड़ों को अधिक देर तक न पहनें। हमेशा साफ और सूती (Cotton) अंडरगारमेंट्स का ही उपयोग करें। साथ ही, स्वच्छता के प्रति बेहद सजग रहें। शौचालय का उपयोग करने के बाद हाथों को अच्छी तरह धोएं। इसके अलावा, पेशाब को लंबे समय तक रोककर न रखें; जब भी इच्छा हो, तुरंत शौचालय जाएं ताकि बैक्टीरिया पनप न सकें।

स्वस्थ किडनी के लिए संतुलित आहार और शुगर नियंत्रण
किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने में आपकी जीवनशैली और खानपान की बड़ी भूमिका होती है। डॉ. छाबड़ा के अनुसार, अपनी दिनचर्या में संतुलित आहार को प्राथमिकता दें। भोजन में ताजे मौसमी फल और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें, जो शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं। इसके विपरीत, अधिक नमक और जंक फूड का सेवन किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालता है, इसलिए इनसे दूरी बनाए रखना बेहतर है। यदि आप मधुमेह (Diabetes) के मरीज हैं, तो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। अनियंत्रित शुगर न केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम करती है, बल्कि यूरिन इन्फेक्शन के जोखिम को भी काफी बढ़ा देती है।
लक्षणों को पहचानें और समय पर चिकित्सक से संपर्क करें
अक्सर लोग यूरिन इन्फेक्शन के लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो खतरनाक हो सकता है। यदि आपको पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आने की समस्या, पेशाब में बदबू या धुंधलापन, बुखार, कमर के निचले हिस्से में दर्द, या पेशाब में खून दिखाई दे, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें। ऐसी स्थिति में तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिना डॉक्टरी परामर्श के खुद से एंटीबायोटिक दवाएं लेना बंद करें, क्योंकि यह समस्या को जड़ से खत्म करने के बजाय प्रतिरोध (Resistance) पैदा कर सकता है। समय पर की गई जांच और उचित उपचार न केवल संक्रमण पर नियंत्रण पाने में मदद करते हैं, बल्कि आपकी किडनी को भविष्य में होने वाली जटिलताओं से सुरक्षित भी रखते हैं।
Read More : Zhipu AI : चीनी स्टार्टअप Zhipu AI का नया एआई मॉडल, वैश्विक AI रेस में मची नई हलचल










