West Bengal Politics : पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर सियासी खींचतान तेज होती दिखाई दे रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता अबू ताहिर के बयान ने मुख्यमंत्री और TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। ताहिर ने नंदीग्राम सीट पर भाजपा का कब्जा बरकरार रहने की बात का समर्थन किया है और ममता बनर्जी से खुद इस सीट पर लौटकर चुनाव लड़ने की मांग की है।
अबू ताहिर ने ममता बनर्जी से पूछा बड़ा सवाल
अबू ताहिर ने सवाल उठाया कि जब वर्ष 2021 में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ सीधे चुनाव लड़ा था, तो अब किसी स्थानीय नेता को यहां से उम्मीदवार बनाने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उनका कहना है कि अगर नंदीग्राम में TMC को अपनी राजनीतिक ताकत दिखानी है, तो ममता बनर्जी को खुद मैदान में उतरना चाहिए।
उपचुनाव लड़ने से ताहिर ने किया इनकार
अबू ताहिर ने स्पष्ट किया कि यदि पार्टी उन्हें नंदीग्राम विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ने के लिए कहती है, तो वह इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने उन्हें लंबे समय तक नजरअंदाज किया और अब मुश्किल सीट पर चुनाव लड़ने के लिए उन्हें आगे किया जा सकता है। ताहिर ने कहा कि वह अब किसी भी परिस्थिति में बलि का बकरा नहीं बनना चाहते।
TMC की 15 साल की सत्ता पर उठाए सवाल
ताहिर ने पार्टी के साथ अपने पुराने राजनीतिक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए TMC नेतृत्व पर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान उन्होंने वाम मोर्चे की मजबूत राजनीतिक ताकत के खिलाफ संघर्ष किया था। इसके बावजूद उनके अनुसार, राज्य में TMC के करीब 15 वर्षों के शासन के दौरान उन्हें पार्टी का उम्मीदवार बनने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।
‘मुझे कभी TMC का उम्मीदवार नहीं बनाया गया’
अबू ताहिर के मुताबिक, इतने लंबे राजनीतिक दौर में उन्हें कभी TMC उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में नहीं उतारा गया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें योग्य नहीं माना। ऐसे में अब नंदीग्राम जैसे महत्वपूर्ण चुनाव में उन्हें उम्मीदवार बनाकर राजनीतिक जोखिम उठाने की जिम्मेदारी क्यों दी जाए, यह सवाल उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सामने रखा है।
बागी TMC गुट ने ताहिर के बयान का समर्थन किया
अबू ताहिर के बयान को रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC के बागी गुट ने भी जोरदार तरीके से उठाया है। इस गुट के प्रवक्ता रिजुआ दत्ता ने ताहिर की बात का समर्थन करते हुए ममता बनर्जी के खेमे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि ममता बनर्जी खुद नंदीग्राम से चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं हैं, तो अभिषेक बनर्जी को कम से कम इस सीट से चुनाव लड़ना चाहिए।
बागी गुट ने उम्मीदवार को लेकर किया दावा
रिजुआ दत्ता ने दावा किया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के लिए नंदीग्राम उपचुनाव में उम्मीदवार ढूंढना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि उनका गुट ही असली TMC है और वह इस सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी करेगा। इन बयानों के बाद पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
नंदीग्राम सीट पर क्यों हो रहा है उपचुनाव
नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव की वजह वर्ष 2026 का पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव है। इस चुनाव में भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ-साथ ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा था। दोनों सीटों पर जीत हासिल करने के बाद उन्होंने नंदीग्राम विधानसभा सीट खाली कर दी। इसी वजह से अब इस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है।
ममता बनाम शुभेंदु की लड़ाई की यादें फिर ताजा
नंदीग्राम का नाम पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच मुकाबले से जुड़ा रहा है। ऐसे में उपचुनाव से पहले अबू ताहिर का बयान TMC के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व किसे उम्मीदवार बनाता है और क्या ममता बनर्जी या अभिषेक बनर्जी इस चुनाव को लेकर कोई बड़ी रणनीति सामने रखते हैं।
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