Weight Loss Myth : नाभि तेल और वजन घटाने का दावा कितना सच, क्या कहते हैं एक्सपर्ट

Weight Loss Myth : आजकल सोशल मीडिया पर हेल्थ और फिटनेस से जुड़े वीडियो की भरमार है, जिनमें से कई दावे बिना किसी वैज्ञानिक आधार के वायरल हो जाते हैं। इन दिनों एक ट्रेंड जोरों पर है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि नाभि में खास तेल डालने से वजन तेजी से कम होता है। लोग बिना सच्चाई जाने इन नुस्खों को अपनाने लगते हैं। हालांकि, क्या वास्तव में नाभि में तेल डालने से वजन कम होता है? इस विषय पर जब हमने आयुर्वेदिक विशेषज्ञों से बात की, तो सामने आया कि यह दावा पूरी तरह से भ्रामक है। वजन घटाने के लिए नाभि में तेल डालना कोई जादुई इलाज नहीं है।

ads

क्या नाभि में तेल लगाने से वजन घटता है?

आशा आयुर्वेदा क्लीनिक की डॉक्टर चंचल शर्मा के अनुसार, नाभि में तेल लगाना त्वचा, बालों, आंखों की रोशनी और पेट की नसों के लिए निश्चित रूप से एक बेहतरीन उपचार है। इसे ‘नाभि पूरण’ या ‘नाभि चिकित्सा’ कहा जाता है, जो आयुर्वेद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन वजन घटाने के दावे से इसका कोई संबंध नहीं है। डॉ. शर्मा स्पष्ट करती हैं कि आयुर्वेद या पंचकर्म की किसी भी थेरेपी में केवल नाभि में तेल डालकर मोटापा कम करने का कोई तरीका नहीं है। वजन घटाने का एकमात्र विज्ञान कैलोरी की कमी, सही व्यायाम और मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त करने पर ही आधारित है।

ads

पेट हल्का महसूस होने का क्या है कारण?

अक्सर लोग नाभि में अरंडी या सरसों का तेल लगाने के बाद पेट को हल्का या पिचका हुआ महसूस करते हैं, जिसे वे वजन घटने का भ्रम मान लेते हैं। वास्तव में, नाभि में तेल लगाने से पेट की नसें उत्तेजित होती हैं, जिससे गैस, अपच और पेट फूलने (bloating) की समस्या कम हो जाती है। जब पेट की सूजन घटती है, तो शरीर हल्का महसूस होता है, लेकिन इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि जमा चर्बी (fat) कम हो गई है। यह थेरेपी पाचन शक्ति (जठराग्नि) को जरूर मजबूत करती है, जिससे भविष्य में वजन बढ़ने की संभावना कम हो जाती है, पर यह मौजूदा चर्बी को पिघलाती नहीं है।

आयुर्वेद में नाभि का महत्व और नाभि पूरण के लाभ

आयुर्वेद के अनुसार, नाभि मात्र एक शारीरिक निशान नहीं, बल्कि ऊर्जा का मुख्य केंद्र है। यह हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म और इमोशनल बैलेंस को नियंत्रित करती है। नाभि से हजारों नसें जुड़ी होती हैं, जो शरीर की आंतरिक अग्नि को संतुलित करती हैं। नाभि में तेल लगाने के वास्तविक फायदों में बेहतर पाचन, त्वचा में निखार और हार्मोनल असंतुलन में सुधार शामिल हैं। यह एक ऐसी थेरेपी है जिसे हर व्यक्ति अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकता है, बशर्ते इसे वजन घटाने के एक शॉर्टकट के रूप में न देखा जाए।

पंचकर्म द्वारा वैज्ञानिक तरीके से वजन कम करना

यदि आप वजन घटाने के लिए आयुर्वेद की मदद लेना चाहते हैं, तो डॉ. चंचल शर्मा ‘उद्वर्तन’ और ‘लेखन बस्ती’ जैसी प्रक्रियाओं को अपनाने की सलाह देती हैं। ‘उद्वर्तन’ में तेल के बजाय हर्बल पाउडर (जैसे त्रिफला) का उपयोग करके शरीर की सूखी मालिश की जाती है, जो त्वचा के नीचे जमा फैट और सेल्युलाइट को कम करने में प्रभावी है। वहीं, ‘लेखन बस्ती’ एक एनिमा तकनीक है जिसमें औषधीय काढ़े और शहद का प्रयोग करके शरीर के गहरे ऊतकों (deep tissues) से चर्बी और टॉक्सिन्स को निकाला जाता है। स्वस्थ वजन घटाने के लिए हमेशा विशेषज्ञों की सलाह पर ही इन पारंपरिक आयुर्वेदिक तकनीकों को अपनाना चाहिए।

Read More :  Maharashtra Politics : उद्धव ठाकरे गुट का बड़ा एक्शन, बागी सांसदों को कारण बताओ नोटिस

Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.