Balen Shah PM
Balen Shah PM: भारत के पड़ोसी देश नेपाल की राजनीति में शुक्रवार को एक नए युग का सूत्रपात हुआ। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के ऊर्जावान और लोकप्रिय नेता बालेंद्र शाह, जिन्हें दुनिया ‘बालेन शाह’ के नाम से जानती है, ने नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। काठमांडू स्थित राष्ट्रपति कार्यालय ‘शीतल निवास’ में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। संविधान के अनुच्छेद 76(1) के तहत यह नियुक्ति तब हुई जब बालेन की पार्टी ने 5 मार्च को संपन्न हुए संसदीय चुनावों में 275 में से 182 सीटें जीतकर ऐतिहासिक पूर्ण बहुमत हासिल किया। शपथ ग्रहण का समय दोपहर 12:34 बजे निर्धारित किया गया था, जो ज्योतिषीय और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया।
बालेन शाह का शपथ ग्रहण समारोह केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि नेपाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन भी था। इस दौरान हिंदू और बौद्ध परंपराओं का एक दुर्लभ समन्वय देखने को मिला। जैसे ही समारोह शुरू हुआ, सात शंख वादकों ने ‘शंखनाद’ कर वातावरण को पवित्र कर दिया। इसके साथ ही, 108 वैदिक बटुकों ने ‘स्वस्ति वाचन’ के मंत्रोच्चार किए, जबकि 16 बौद्ध भिक्षुओं ने ‘अष्टमंगल पाठ’ कर नए प्रधानमंत्री के सफल कार्यकाल की मंगल कामना की। यह दृश्य आधुनिक राजनीति में आध्यात्मिक मूल्यों के समावेश का प्रतीक बना, जिसे पूरे नेपाल और पड़ोसी देशों में काफी सराहा जा रहा है।
बालेन शाह की पहचान केवल एक राजनेता की नहीं है; वह पेशे से एक कुशल स्ट्रक्चरल इंजीनियर हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा काठमांडू के मेयर पद से शुरू हुई थी, जहाँ उन्होंने अपने कार्यकौशल से जनता का दिल जीता। अब वे मधेस क्षेत्र से आने वाले नेपाल के पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं, जो नेपाल की क्षेत्रीय राजनीति के संतुलन में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। उनकी सादगी और तकनीकी दृष्टिकोण ने युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता को चरम पर पहुँचा दिया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस ऐतिहासिक अवसर पर बालेन शाह को बधाई देते हुए दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जाने की आशा व्यक्त की है।
हालिया संसदीय चुनावों में बालेन शाह की पार्टी RSP ने लगभग दो-तिहाई बहुमत हासिल कर सबको चौंका दिया। विशेष रूप से पूर्वी नेपाल की झापा-5 सीट पर हुआ मुकाबला ऐतिहासिक रहा। यहाँ बालेन शाह ने नेपाल के दिग्गज नेता और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भारी मतों के अंतर से पराजित किया। शाह को कुल 68,348 वोट प्राप्त हुए, जबकि ओली मात्र 18,734 वोटों पर सिमट गए। यह 1991 के बाद से नेपाल के चुनावी इतिहास में किसी भी उम्मीदवार द्वारा हासिल की गई सबसे बड़ी जीत है। इस जीत ने स्पष्ट कर दिया कि नेपाल की जनता अब पुराने चेहरों के बजाय नए और विजनरी नेतृत्व पर भरोसा कर रही है।
यह चुनाव नेपाल में पिछले वर्ष हुए भ्रष्टाचार विरोधी ‘जेन-जी’ (Gen-Z) आंदोलनों के बाद की पहली बड़ी अग्निपरीक्षा थी। युवाओं के आक्रोश को बालेन शाह ने एक सकारात्मक दिशा दी। जीत के तुरंत बाद, उन्होंने ‘जय महाकाली’ शीर्षक से एक रैप सॉन्ग जारी किया, जो एकता और राष्ट्रवाद का संदेश देते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। बालेन ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन, रोजगार सृजन और तकनीकी आधारित सुशासन (e-Governance) है। सूत्रों के अनुसार, वे जल्द ही 15-18 सदस्यों वाली एक छोटी, शिक्षित और कार्यकुशल कैबिनेट का गठन करेंगे, जो देश के विकास को गति दे सके।
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