Sai cabinet ministers: छत्तीसगढ़ में साय कैबिनेट के हालिया विस्तार के बाद सरकार ने मंत्रियों को उनके प्रभार जिलों की जिम्मेदारी सौंप दी है। इस नए आदेश के तहत कई प्रमुख जिलों में प्रभारी मंत्रियों का बदलाव हुआ है, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई हलचल देखी जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में प्रदेश सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि अब जिलों के विकास और प्रशासनिक निगरानी में तेजी लाई जाएगी।



विजय शर्मा को बस्तर समेत तीन जिलों का प्रभार
राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा को बस्तर, कोंडागांव और दंतेवाड़ा जिलों का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। नक्सल प्रभावित इन जिलों की संवेदनशीलता को देखते हुए यह जिम्मेदारी काफी अहम मानी जा रही है। सरकार को उम्मीद है कि शर्मा के अनुभव और नेतृत्व में इन क्षेत्रों में विकास, सुरक्षा, और सामाजिक योजनाओं को गति मिलेगी।
गजेंद्र यादव को मिला राजनांदगांव
कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव को राजनांदगांव जिले का प्रभार सौंपा गया है। यह जिला राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और यहां विकास कार्यों के साथ-साथ प्रशासनिक निर्णयों पर कड़ी निगरानी अपेक्षित है। यादव को जमीनी स्तर पर योजनाओं की मॉनिटरिंग का निर्देश दिया गया है।
राजेश अग्रवाल को जीपीएम की जिम्मेदारी
राजेश अग्रवाल को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले का प्रभारी मंत्री नियुक्त किया गया है। यह जिला अपेक्षाकृत नया है, जहां सरकार की प्राथमिकता स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास पर है। अग्रवाल से उम्मीद की जा रही है कि वे जिले में सरकारी योजनाओं की प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।
लक्ष्मी राजवाड़े को बलरामपुर-रामानुजगंज
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले का प्रभार सौंपा गया है। यह इलाका सीमावर्ती और आदिवासी बाहुल्य है, जहां सामाजिक कल्याण योजनाओं को मजबूती देने की जरूरत है।
हर महीने दौरे का निर्देश
राज्य सरकार ने सभी प्रभारी मंत्रियों को हर महीने कम से कम एक बार अपने प्रभार वाले जिले का दौरा करने और वहां चल रही योजनाओं की समीक्षा रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपने के निर्देश दिए हैं। इससे शासन स्तर पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने की कोशिश की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में कुछ और मंत्रियों के जिलों के प्रभार में भी फेरबदल किया जा सकता है।साय सरकार ने मंत्रियों को जिलों की जिम्मेदारी सौंपकर प्रशासनिक सक्रियता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक ठोस कदम उठाया है। आने वाले समय में इन बदलावों का असर ज़मीनी स्तर पर नजर आना तय है।
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