अमेरिका के फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर 2009 में हुई गोलीबारी के दोषी निडाल मलिक हसन की मौत की सजा की तारीख तय कर दी गई है। 3 दिसंबर 2026 को फायरिंग स्क्वॉड से सजा देने की योजना है। इस कार्रवाई की लाइव स्ट्रीमिंग भी चर्चा में है।
अमेरिका के फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर 2009 में हुई गोलीबारी के दोषी निडाल मलिक हसन की मौत की सजा की तारीख तय कर दी गई है। 3 दिसंबर 2026 को फायरिंग स्क्वॉड से सजा देने की योजना है। इस कार्रवाई की लाइव स्ट्रीमिंग भी चर्चा में है।

Nidal Hasan Execution : अमेरिका के फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर वर्ष 2009 में हुई सामूहिक गोलीबारी के दोषी पूर्व सैन्य अधिकारी निडाल मलिक हसन को फायरिंग स्क्वॉड के जरिए मृत्युदंड देने की तारीख निर्धारित की गई है। अमेरिकी सेना की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 3 दिसंबर 2026 को टेक्सास स्थित फोर्ट हुड में दोपहर 1 बजे की जाएगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अक्टूबर को इस मामले में मृत्युदंड की मंजूरी दी थी।

अमेरिकी सेना के मुताबिक, कार्यवाहक सेना सचिव एडम टेल ने 6 अक्टूबर 2026 को हसन के मृत्युदंड की तारीख निर्धारित करने का निर्देश दिया। सैन्य नियमों के तहत राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद तय समय-सीमा में मृत्युदंड की तारीख चुनना आवश्यक है। इस मामले में दोषसिद्धि और सजा की समीक्षा से जुड़ी अपीलीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगला कदम उठाया गया है।

5 नवंबर 2009 को टेक्सास के फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर गोलीबारी हुई थी। इस हमले में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 32 अन्य घायल हुए थे। उस समय निडाल हसन अमेरिकी सेना में मेजर और मनोचिकित्सक के पद पर कार्यरत था। गोलीबारी सैन्य परिसर के एक मेडिकल और सैनिक तैयारी केंद्र में हुई थी, जहां सैनिक मौजूद थे।
निडाल हसन के खिलाफ सैन्य अदालत में मुकदमा चला। अदालत ने अगस्त 2013 में उसे हत्या के 13 मामलों और हत्या के प्रयास के 32 मामलों में दोषी ठहराया। इसके बाद उसे मृत्युदंड सुनाया गया। अमेरिकी सेना के रिकॉर्ड के अनुसार, मामले में सजा के खिलाफ कानूनी समीक्षा और अपील की प्रक्रिया भी चली। मार्च 2025 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उसकी दोषसिद्धि की समीक्षा करने की याचिका खारिज कर दी थी।
इस मामले में एक और अहम पहलू मृत्युदंड की सार्वजनिक प्रसारण योजना है। एसोसिएटेड प्रेस और अन्य मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पेंटागन के एक अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित फायरिंग स्क्वॉड कार्रवाई का लाइव प्रसारण किया जाएगा। यदि योजना के अनुसार ऐसा होता है, तो यह अमेरिकी सैन्य मृत्युदंड के इतिहास में असाधारण कदम होगा। इस फैसले को लेकर पारदर्शिता, गरिमा और सार्वजनिक प्रसारण की नैतिकता पर सवाल उठ सकते हैं।

फायरिंग स्क्वॉड मृत्युदंड देने की ऐसी विधि है जिसमें नियुक्त निशानेबाज एक साथ या निर्धारित प्रक्रिया के तहत गोली चलाते हैं। अमेरिका में सैन्य मृत्युदंड के लिए यह तरीका अत्यंत दुर्लभ रहा है। अमेरिकी सेना के अनुसार, आखिरी सैन्य मृत्युदंड 1961 में दिया गया था, जबकि सेना द्वारा फायरिंग स्क्वॉड से अंतिम निष्पादन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1945 में हुआ था।
फिलहाल अमेरिकी सेना ने 3 दिसंबर 2026 की तारीख घोषित की है। हालांकि, निर्धारित तारीख और अंतिम कार्रवाई में कानूनी या प्रशासनिक कारणों से बदलाव की संभावना पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता। इस मामले पर दुनिया की नजर इसलिए भी है, क्योंकि यह अमेरिकी सैन्य न्याय व्यवस्था में दशकों बाद होने वाला मृत्युदंड होगा और इसकी सार्वजनिक प्रसारण योजना भी विवाद का विषय बन सकती है।

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