Nigeria attack
Nigeria attack: अफ्रीकी महाद्वीप के सबसे अधिक आबादी वाले देश नाइजीरिया में हिंसा और असुरक्षा का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया के नाइजर राज्य में एक बार फिर हथियारबंद हमलावरों ने मौत का खूनी खेल खेला है। शनिवार शाम को हुए इस भीषण हमले में कम से कम 30 निर्दोष ग्रामीणों की हत्या कर दी गई और दर्जनों लोगों को अगवा कर लिया गया। पुलिस ने रविवार को इस त्रासदी की आधिकारिक पुष्टि की है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और शोक का माहौल व्याप्त है।
यह बर्बर हमला नाइजर राज्य के बोरगु लोकल गवर्नमेंट एरिया के अंतर्गत आने वाले कसुवान-दाजी गांव में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार की शाम जब ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी आधुनिक हथियारों से लैस हमलावरों का एक बड़ा समूह गांव में दाखिल हुआ। हमलावरों ने बिना किसी चेतावनी के अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। अफरा-तफरी के बीच हमलावरों ने न केवल लोगों की जान ली, बल्कि गांव के बाजार और कई रिहायशी मकानों को आग के हवाले कर दिया, जिससे करोड़ों की संपत्ति जलकर राख हो गई।
कसुवान-दाजी गांव के समीप ही पापिरी समुदाय स्थित है, जिसका इतिहास बेहद डरावना रहा है। पिछले साल नवंबर में इसी क्षेत्र के एक कैथोलिक स्कूल से 300 से अधिक बच्चों और शिक्षकों का अपहरण किया गया था। शनिवार की घटना ने उन पुराने जख्मों को फिर से हरा कर दिया है। नाइजीरिया के इन इलाकों में सक्रिय हथियारबंद गिरोहों के लिए फिरौती वसूलना एक बड़ा व्यवसाय बन गया है, जिसके चलते वे अक्सर मासूमों को निशाना बनाते हैं।
नाइजर स्टेट पुलिस के प्रवक्ता वासियू अबियोदुन ने शुरुआती रिपोर्टों के आधार पर 30 मौतों की पुष्टि की है। हालांकि, जमीनी स्तर पर स्थिति और भी भयावह बताई जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि अब तक 37 शव बरामद किए जा चुके हैं और कई लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें हमलावर जंगल की ओर खींच ले गए। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में मरने वालों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।
इस त्रासदी के बाद ग्रामीणों ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। पीड़ितों का आरोप है कि हमले के कई घंटों बाद तक न तो पुलिस गांव पहुँची और न ही सेना की कोई टुकड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था की इस भारी चूक के कारण अपराधी गिरोहों के हौसले बुलंद हैं। हालांकि, पुलिस प्रशासन का दावा है कि उन्होंने नेशनल पार्क फॉरेस्ट और काबे जिले के घने जंगलों में ऑपरेशन शुरू कर दिया है ताकि अगवा किए गए लोगों को सुरक्षित वापस लाया जा सके।
नाइजीरिया के दूर-दराज के इलाकों में सुरक्षा का संकट गहराता जा रहा है। पुलिस के अनुसार, हमलावर कसुवान-दाजी पर हमला करने के बाद उन सुनसान जंगलों की ओर भाग निकले जो अपराधी गिरोहों के गढ़ माने जाते हैं। ये विशाल जंगल न केवल इन बदमाशों को छिपने की जगह देते हैं, बल्कि यहाँ से वे आसपास के राज्यों में भी अपनी हिंसक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। प्रशासन की पकड़ ढीली होने के कारण आम नागरिक अब अपने ही घरों में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
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