Nirmala Sitharaman : देश में पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर जारी विवाद अब राजनीतिक स्तर पर भी तेज हो गया है। एक ओर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर संसद के भीतर विपक्षी दल इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेर रहे हैं। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं। इसी बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

सरकार की कार्रवाई पर क्या बोलीं निर्मला सीतारमण?
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर छात्रों और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए सरकार इसे अत्यंत गंभीरता से देख रही है। उन्होंने बताया कि पेपर लीक मामलों में शामिल कई आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कराई जाएगी, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कानून के अनुसार सजा मिल सके।

री-एग्जाम और छात्रों की पढ़ाई का भी किया जिक्र
निर्मला सीतारमण ने कहा कि जिन परीक्षाओं पर पेपर लीक का असर पड़ा, वहां सरकार ने यथासंभव कम समय में दोबारा परीक्षा आयोजित कराने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि पुनर्परीक्षा के परिणाम भी जल्द जारी किए गए, ताकि विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई और प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित न हो। उनके अनुसार सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रहे और परीक्षा प्रणाली में विश्वास कायम रहे।
संसद में चर्चा के लिए सरकार तैयार
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे विषयों पर सदन के भीतर गंभीर बहस होनी चाहिए, ताकि सभी पक्ष अपनी बात रख सकें और बेहतर समाधान निकल सके। उनके अनुसार सरकार ने विपक्ष की चर्चा संबंधी मांग को स्वीकार किया है और इस विषय पर खुली बहस के लिए अपनी सहमति भी दी है।
विपक्ष पर लगाया राजनीतिकरण का आरोप
निर्मला सीतारमण ने आरोप लगाया कि विपक्ष पहले इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा था, लेकिन जब सरकार ने चर्चा के लिए सहमति दे दी तो विपक्ष ने नई शर्तें रखनी शुरू कर दीं। उन्होंने कहा कि इससे ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ विपक्षी दल इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं। उनके अनुसार यदि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, तो संसद की कार्यवाही बाधित करने का कोई औचित्य नहीं बनता।
कांग्रेस पर साधा निशाना
वित्त मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष का रवैया छात्रों के हितों की बजाय राजनीतिक रणनीति से प्रेरित दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में छात्रों के हित सर्वोपरि हैं, तो संसद में रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए और समाधान निकालने की दिशा में सभी दलों को सहयोग करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार सदन की कार्यवाही बाधित होने से महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा प्रभावित होती है।
सरकार ने दोहराई सख्त कार्रवाई की बात
अपने बयान के अंत में निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार पेपर लीक मामलों में किसी भी दोषी को बख्शने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने दोहराया कि जांच एजेंसियां सक्रिय रूप से काम कर रही हैं और कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए आवश्यक सुधारों पर भी काम कर रही है। उनका कहना था कि छात्रों का भविष्य सरकार की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ संस्थागत सुधारों की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
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