CJP Protest VIDEO: नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर बातचीत के प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। संगठन का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में समाधान चाहती है, तो वार्ता ऐसे स्थान पर होनी चाहिए जहां दोनों पक्ष समान स्थिति में बैठकर चर्चा कर सकें। सीजेपी ने स्पष्ट किया कि जनता की राय के आधार पर उन्होंने नड्डा के आवास पर बैठक के प्रस्ताव को अस्वीकार किया है।

जेपी नड्डा ने दिया था बातचीत का निमंत्रण
सीजेपी के अनुसार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की ओर से संगठन के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया था। हालांकि, संगठन के नेताओं ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उनका कहना है कि बातचीत किसी मंत्री के निजी आवास पर करने के बजाय या तो जंतर-मंतर पर होनी चाहिए, जहां आंदोलन चल रहा है, अथवा किसी ऐसे तटस्थ (न्यूट्रल) स्थान का चयन किया जाना चाहिए, जिस पर दोनों पक्ष सहमत हों।

जंतर-मंतर या न्यूट्रल वेन्यू की रखी मांग
सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन का मानना है कि वार्ता का स्थान निष्पक्ष होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जंतर-मंतर आने में असहज महसूस करती है, तो किसी तीसरे और तटस्थ स्थान पर बैठक आयोजित की जा सकती है। रांका के अनुसार, संगठन ने सरकार के सामने यही सुझाव रखा है कि वार्ता ऐसे स्थान पर हो, जहां किसी पक्ष को विशेष लाभ या असुविधा महसूस न हो। उनका कहना है कि बातचीत का उद्देश्य समाधान निकालना होना चाहिए, न कि केवल औपचारिक बैठक करना।
सरकार के प्रतिनिधियों पर भी की टिप्पणी
आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा यह सुझाव दिया गया कि बैठक जेपी नड्डा के कार्यालय या उनके आवास पर की जा सकती है। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि संगठन इस प्रस्ताव से सहमत नहीं है। उनके अनुसार, आंदोलन में शामिल लोगों की राय है कि वार्ता किसी मंत्री के निजी परिसर में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सकारात्मक बातचीत चाहती है तो किसी ऐसे स्थान का चयन किया जाए जिसे दोनों पक्ष निष्पक्ष मानें।
वार्ता को परिणाम आधारित बनाने की मांग
सीजेपी ने केवल बैठक के स्थान पर ही नहीं, बल्कि बातचीत की प्रक्रिया पर भी अपनी शर्तें रखी हैं। आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन ऐसी बैठक में समय नहीं बिताना चाहता जिसका कोई ठोस परिणाम न निकले। उन्होंने कहा कि यदि बातचीत होती है, तो उसमें संगठन की प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय या समय-सीमा सामने आनी चाहिए। उनका कहना था कि सरकार को यह बताना चाहिए कि उनकी मांगों पर कब तक कार्रवाई होगी या कौन-से कदम उठाए जाएंगे।
Spokesperson Ashutosh Ranka responses for your kind information .@CJP_for_India https://t.co/W8OPvFDrVR pic.twitter.com/lCF9DOf81I
— Cockroach Janta Party (@CJP_for_India) July 23, 2026
छात्रों की मांगों का किया उल्लेख
सीजेपी लंबे समय से नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका दावा है कि यह आंदोलन छात्रों और युवाओं के हितों से जुड़ा है और इसे व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है।
संवाद के लिए समानता और पारदर्शिता पर जोर
अपने बयान के अंत में आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन सरकार के साथ बातचीत से पीछे नहीं हट रहा, बल्कि वह चाहता है कि संवाद सम्मानजनक, पारदर्शी और समान आधार पर हो। उन्होंने कहा कि सरकार और आंदोलनकारी दोनों का उद्देश्य समाधान होना चाहिए, इसलिए वार्ता ऐसे माहौल में होनी चाहिए जहां दोनों पक्ष खुलकर अपनी बात रख सकें। सीजेपी का कहना है कि यदि निष्पक्ष स्थान पर सार्थक बातचीत होती है और मांगों पर स्पष्ट आश्वासन मिलता है, तो समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रगति संभव है।











